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देखो.. किसने कहा BSP लीजधारियों के आवासों का कर दिया जाए फ्री होल्ड रजिस्ट्री

सेल और राज्य के संयुक्त प्रयास से निकल सकता है रास्ता,

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भिलाई

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Abdul Salam

Jul 02, 2023

देखो.. किसने कहा BSP लीजधारियों के आवासों को कर दिया जाए फ्री होल्ड रजिस्ट्री

देखो.. किसने कहा BSP लीजधारियों के आवासों को कर दिया जाए फ्री होल्ड रजिस्ट्री

भिलाई. लीजधारियों के आवासों का फ्री होल्ड रजिस्ट्री कर दिया जाए। इस योजना का 4500 हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। इसके लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) और छत्तीसगढ़ सरकार को संयुक्त प्रयास से इसका रास्ता निकल आएगा। जल्द इस विषय पर सेल प्रबंधन से मिलकर भी चर्चा की जाएगी। जिससे लीजधारियों को फ्री होल्ड रजिस्ट्री का लाभ मिल सके। शासन और सेल प्रबंधन दोनों के मध्य समंवय बनाकर यह किया जा सकता है। सेफी के चेयरमैन व बीएसपी ओए के अध्यक्ष एनके बंछोर ने यह बात कही।

लीजधारियों को मिलेगी राहत
उन्होंने बताया कि फ्री होल्ड से लीजधारियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके लिए शासन स्तर पर ठोस पहल की जरूरत है। इसका लाभ लीज के आवासों में रहने वाले 20 हजार लोगों को मिलेगा। फ्री होल्ड के लिए लीजधारी तैयार हैं। इसके बाद वे अपने आवासों का खरीद-फरोख्त भी सकेंगे।

पुराने प्रीमियम पर हो रजिस्ट्री
लीजधारियों ने बैठक में इस बात पर बल दिया है कि 20-22 साल पहले बीएसपी से जिस दर पर आवासों को लीज पर लिया गया है। उस प्रीमियम रेट के आधार पर ही लीजडीड की रजिस्ट्री की जाए। लीज पर आवास जब बीएसपी के कर्मियों ने लिया था, तब लीजडीड के रजिस्ट्री की बात नहीं कही गई थी। अब अगर नए दर पर लीजधारियों को लीजडीड की रजिस्ट्री करने कहा जाएगा, तो वे इतनी रकम कहां से लाएंगे।

नियमितीकरण भी है जरूरी
उन्होंने बताया कि लीजधारियों ने जरूरत के मुताबिक बढ़ते हुए परिवार को देखते हुए, लीज के आवासों में नया निर्माण किया है। इसमें से कुछ ने बिना अनुमति के निर्माण किए हैं। इस वजह से नियमितीकरण करवाना जरूरी है। इससे आने वाले समय में उनका परिवार बिना डर के आराम से इन आवासों में रह सकेगा। निगम के कानून के तहत प्रबंधन नियमितीकरण करे।

लोगों को राहत
बीएसपी ने आवासों को लीज में दिया क्योंकि एक्सपांशन के वक्त धन की जरूरत थी। प्रबंधन ने अधिकारी व कर्मियों को आवास लेने के लिए इस वजह से मोटिवेट किया, क्योंकि पैसा एकत्र हो तो वह लॉग रेल प्रोजेक्ट में काम आ सके। करीब 45 सौ मकान अधिकारी व कर्मियों ने लिए। तब परिस्थितियां ऐसी थी कि यह संज्ञान में नहीं था कि लीजडीड का रजिस्ट्री करवाना है। लीजधारियों को राहत तब हुई जब एक आदेश किसी भी माध्यम से आया कि लीजडीड की रजिस्ट्री करवाना है। लोग रजिस्ट्री करवाना चाहते हैं।

पहले की जानी थी तैयारी
उन्होंने बताया कि लीजधारियों का कहना है कि पहले शासन व प्रबंधन यह तैयारी कर लेता कि लीजडीड की रजिस्ट्री में खर्चा कितना आएगा। इस बात को लेकर ही लीजधारक एकत्र हुए। इसको लेकर एक समिति तैयार किए हैं। उसकी बैठक भी हुई है।

मंथन में यह आया सामने
लीजधारियों की बैठक में मंथन हुआ, जिसमें यह बात सामने आया कि कंपनी को बचाने में लीजधारियों ने आगे बढ़कर आवासों को लीज पर लिया था। शासन की ओर से तब ऐसी व्यवस्था नहीं थी कि लीजडीड पर रजिस्ट्री हो। वर्तमान में जो संज्ञान में लाए, तब लीजधारी चाहते हैं कि पुरानी दरों पर लीजडीड का रजिस्ट्री हो।

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