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छत्तीसगढ़ का पहला कॉलेज जहां तीन साल छात्रों को फ्री में पढ़ाते हैं IIT और देश के नामी विवि. के प्रोफेसर

लोगों को न केवल मुफ्त में जीवनोपयोगी शिक्षा देगा, बल्कि युवक-युवतियों को स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम से अर्जित किए गए ज्ञान का सदुपयोग करना सिखाएगा। (Bhilai News)

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Jan 01, 2020

छत्तीसगढ़ का पहला कॉलेज जहां तीन साल छात्रों को फ्री में पढ़ाते हैं IIT और देश के नामी विवि. के प्रोफेसर

छत्तीसगढ़ का पहला कॉलेज जहां तीन साल छात्रों को फ्री में पढ़ाते हैं IIT और देश के नामी विवि. के प्रोफेसर,छत्तीसगढ़ का पहला कॉलेज जहां तीन साल छात्रों को फ्री में पढ़ाते हैं IIT और देश के नामी विवि. के प्रोफेसर,छत्तीसगढ़ का पहला कॉलेज जहां तीन साल छात्रों को फ्री में पढ़ाते हैं IIT और देश के नामी विवि. के प्रोफेसर

भिलाई. मानव तीर्थ शिक्षण संस्थान (Manav trith institute Bemetara) लोगों के लिए नए साल की खुशियां लेकर आया है। लोगों को न केवल मुफ्त में जीवनोपयोगी शिक्षा देगा, बल्कि युवक-युवतियों को स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम (Engineering course) से अर्जित किए गए ज्ञान का सदुपयोग करना सिखाएगा। छात्र-छात्राओं को सही-गलत परिस्थितियों का आंकलन कर सीमित संसाधनों पर जीवन में सफल होने का तौर-तरीके भी सिखाया जाएगा।

मानव तीर्थ, दिव्यपथ संस्थान अमरकंटक मध्यप्रदेश के ए. नागराज के सानिध्य में प्रेरणा विद्यालय की स्थापना की गई है। यह संस्थान बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड से 20 किलोमीटर दूर ग्राम तिरिथपुर के खारून और शिवनाथ नदी के संगम (सोमनाथ के विपरीत दिशा में) पर स्थित है। इसका कैंपस शिवनाथ और खारून नदी के किनारे 300 एकड़ वन परिश्रेत्र में फैला हुआ है।

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शैक्षणिक कैंपस 87 एकड़ में है। इसके 7 एकड़ में आवासीय परिसर है। स्वागत बिल्डिंग में 3 सभागार और दो अतिथिगृह हैं। दो निवास, छात्रावास और गोदाम है। निवास में एक साथ आठ परिवार की रहने की व्यवस्था है। 120 छात्र-छात्राओं का छात्रावास है। इसके अतिरिक्त 70 और लोगों के लिए तत्कालीन रूप से रहने की व्यवस्था है।

मूल्य आधारित शिक्षा
संस्थान में तीन साल का कोर्स होगा। शिक्षण और प्रशिक्षण की व्यवस्था नि:शुल्क है। यहां कृषि, कृषि इंजीनियरिंग, चिकित्सा, गो पालन, पारंपरिक चिकित्सा, खाद्य प्रसंस्करण के बारे में बताया जाएगा। एक साल तक मध्यस्थ दर्शन के बारे में बताया जाएगा। दो साल तक फील्ड में प्रयोग और अभ्यास होगा। उनकी रुचि के अनुसार विषय में पारंगत किया जाएगा। स्वावलंबन के साथ जीने के लिए दूसरों के प्रेरणास्रोत बन सकें।

एक्सपर्ट प्रोफेसर्स
आईआईटी देहरादून से अशोक गोपाल, आईआईएम रिटनर्स दंपती श्रीराम नरसिम्हन और गौरी नरसिम्हन, गांधी विवि के संस्थापक व शिक्षाविद सुंधाशु दुग्गड़, एनआईटी रायपुर से साधन भट्टाचार्य, बनारत विश्वविद्यालय के योगेश शास्त्री, आईआईटी (IIT) दिल्ली के सोम त्योगी, नई दिल्ली के सुरेन्द्र पाल, फोटोग्राफी और टेलीविजन फिल्म मेकर अंकित और मृदृल मानव तीर्थ में प्रवेश लेने वाले को प्रशिक्षण देते हैं।

प्रैक्टिकल के लिए 58 एकड़ का फॉर्म हाउस
कृषि, पर्यावरण, मैकनिकल इंजीनियरिंग और परंपरागत चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित करने के लिए गांधी विद्या मंदिर सरदार शहर जिला चुरू राजस्थान के संचालक मंडल ने 58 एकड़ क्षेत्रफल में फार्म हाउस तैयार किया है। यहां जैविक पद्धति से कृषि, सब्जी-भाजी और औषधियां की खेती के तौर-तरीके सिखाया जाएगा। प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में बताया जाएगा। वरिष्ठ प्रबोधक, मानव तीर्थ साधन भट्टाचार्य ने बताया कि मानव तीर्थ में लोगों को यह अहसास कराया जाता है कि जीवन में सफल होने के लिए सीमित संसाधन बाधा नहीं है। यहां लोगों को स्वास्थ्य और स्वावलंबन की जीवनोपयोगी शिक्षा दी जाती है।