
कमाडेंट नरेन्द्र सिंह को गृहराज्य मंत्री जी. कृष्णा रेड्डी ने ट्राफी प्रदान की
भिलाई. अल्टीमेट 38 के रूप में पहचान बनाने वाली इस बटालियन ने आईटीबीपी की कुल 56 सर्विस और 4 स्पेशल बटालियन को पीछे छोड़ यह खिताब अपने नाम किया। कमांडेंट नरेन्द्र सिंह ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ बटालियन का पुरस्कार पाकर पूरी बटालियन का मनोबल बढ़ा है और उसी उत्कृष्ठता को कायम रखने बटालियन अपना कार्य और बेहतर करेगी। यह पहला मौका है जब एक ही बटालियन ने दो बड़े अवार्ड अपने नाम किए। आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर गुरुवार को दिल्ली में हुई रेजिंग डे परेड में बटालियन को यह सम्मान दिया गया।
युवाओं की बदली सोच
सर्वश्रेष्ठ एंटी नक्सल ऑपरेशन बटालियन का खिताब हासिल के लिए बटालियन का मुकाबला छत्तीसगढ़ में तैनात अन्य आईटीबीपी की बटालियनों से था। जिसमें वे खरे उतरे। वाहिनी ने न सिर्फ वर्ष 2018 के दौरान ऑपरेशनल गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन किया।बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी उत्कृष्ठ दिखाई। माओवादियों से लोहा लेते हुए स्थानीय युवाओं को नई सोच दी। बेहतर कॅरियर के लिए सी-पेट जैसे कार्यक्रम चालए। वहीं वहीं अलग-अलग सीओबी में स्पेशल कोचिंग चलाकर 100 से अधिक युवाओं को अर्धसैनिक बल की भर्ती परीक्षा की तैयारी कराई जिसमें वे सफल हुए। वहीं 155 छात्रों की जॉब प्लेसमेंट के साथ ही, युवाओं को खेलों की भी कोचिंग दी थी। भूमिहीनों के लिए बैकयार्ड पोल्ट्री स्कीम के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्रदान
कराए।
पर्यावरण बचाने 15 हजार पौधे
कमाडेंट नरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान से जुड़कर बटालियन ने अपने पूरे कार्यक्षेत्र, राजनांदगांव जिले के माओवाद प्रभावित गांवों में अभियान चलाया। साथ ही खरोरा स्थित कैंप के तहत सिरपुर जैसे ऐतिहासिक, पुरातात्विक स्थलों और महानदी के आसपास क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को जागरुक किया। पिछले एक वर्ष में अपने कार्यक्षेत्र में ही 15 हजार पौधे लगाकर पर्यावरण को सहेजने की कोशिश की। एवं वाटर हार्वेस्टिंग, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, पौधों के लिए अतिरिक्त पानी की चैनलिंग के साथ ही कैंपस में किचन गार्डन व पार्क के लिए एटीपी से उपचारित पानी का प्रयोग शामिल है। ताकि पानी की बचत हो सकें।
Updated on:
24 Oct 2019 09:04 pm
Published on:
24 Oct 2019 08:42 pm
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