शहर में भारी आक्रोश फैल गया था,जुलूस और रैलियां निकाली
इस मामले में नेवई पुलिस ने बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 12 एवं भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा (घ) 302 एवं 201 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया। जांच करते पुलिस अपचारी बालक तक पहुंच गई। अपचारी बालक को कई बार श्रंखला का पीछा करते देखा गया था। वह करीब दो माह से उसका पूछा कर रहा था। श्रृंखला के मना करने के बाद भी वह नहीं माना और एक दिन पीछा करते उसकी जान ले ली।