
भिलाई. नेहरू नगर रेलवे फाटक पर रात में चार घंटे का मेगा ब्लाक रहेगा। इस बीच एक्सप्रेस और गुड्स टे्रनों की आवाजाही बंद रहेगी । बुधवार की दिन में ट्रेनों की स्पीड कम कर दी गई है। अप लाइन पर जहां गुड्स एवं एक्सप्रेस १० किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चल रही है।
वहीं डाउन लाइन पर ३०-४० किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड़ से एक्सप्रेस गुजर रही है। सामान्य दिनों में नेहरू नगर रेलवे फाटक पर टे्रनों की औसत स्पीड ९० किलोमीट प्रतिघंटा से कम नहीं होती है। अंडरब्रिज के पीसीसी बाक्स की पुशिंग के लिए रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों की स्पीड पर ब्रेक लगाई गई है। रात में पीसीसी बाक्स की पुशिंग की किया जाएगा।
इससे पहले राइट्स के इंजीनियर अप लाइन के समानांतर स्टील के रिलीविंग गर्डर को पुशिंग करने की तैयारी में जुटा है। २५.४ मीटर लंबा और लगभग ढाई मीटर ऊंचा रिलीविंग गर्डर को अप लाइन के समानांतर पुश किया जाएगा। अप लाइन के लोड को रिलीविंग गर्डर में शिफ्ट किया जाएगा। एक्सप्रेस और गुड्स टे्रनें इसी रिलीविंग गर्डर के ऊपर से गुजरेगी। नीचे से पीसीसी बाक्स को पुशिंग किया जाएगा।
चार घंटे का मेगा ब्लाक
रेलवे के इंजीनियर्स के मुताबिक अंडरब्रिज पोर्शन में स्टील के कम्पोजिट गर्डर सिस्टम से रेलवे लाइन तैयार किया गया है। इसे अंडरब्रिज के पीसीसी बाक्स के ऊपर अप लाइन के समानांतर शि$फ्ट किया जाएगा।इस कार्य में कम से कम ३-४ घंटे का समय लगेगा। इसलिए टे्रनों की आवाजाही रात में बंद रहेगी। सुबह अप एवं डाउन लाइन पर पैसेंजर, एक्सप्रेस और गुड्स टे्रनों की आवाजाही को शुरू होगी।
रेलवे फाटक से आवाजाही बंद है
रेलवे क्रासिंग पर ब्रिज निर्माण के लिए नेहरू नगर चौक से टाउनशिप की ओर आवाजाही बंद कर दिया गया है। ब्रिज और अंडर ब्रिज निर्माण होने तक बंद रहेगी। रेलवे के इंजीनियर्स का कहना हैकि रेलवे पोर्शन का कार्य ३१ अगस्त से पहले कम्पलीट हो जाएगा। तब फाटक से आवाजाही बंद रहेगी। कलक्टर उमेश अग्रवाल ने लोक निर्माण सेतु संभाग राजनांदगांव की मांग पर रेलवे क्रासिंग को जोडऩे वाली रास्ते पर आवाजाही की बंद करने की अनुमति दी है।
चार घंटे का मेगा ब्लाक
रेलवे के इंजीनियर्स के मुताबिक कांक्रीट सिस्टम से निर्माण में काफी समय लगेगा। इससे रेलवे लाइन पर चढऩे वाली एक्सप्रेस का टाइम शेडयूल गड़बड़ा सकती है। इसलिए रेलवे पोर्शन में स्टील के कम्पोजिट गर्डर सिस्टम से ब्रिज बनाया जाएगा। इस सिस्टम में बहुत ही कम समय में काम हो जाएगा।
रेल लाइन के ऊपर स्टील के कम्पोजिट गर्डर को चढ़ाने के लिए ओएचई लाइन को हटाना पड़ेगा। गर्डर को चढ़ाने के बाद सेटिंग करना पड़ेगा। यह कार्य में कम से कम ३-४ घंटे में हो जाएगा। इसके बाद आसानी से अप एवं डाउन लाइन पर दौडऩे वाली, पैसेंजर, एक्सप्रेस और गुड्स टे्रनों की आवाजाही को शुरू किया जा सकता है, लेकिन कांक्रीट बाक्स को चढ़ाने और सेटिंग करने में दिनभर का समय लग जाता है।
Published on:
21 Feb 2018 03:00 pm
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