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Bhilai निगम अफसरों ने ठेकेदार को ई-रिक्शा दे दिए 6.66 रुपए किराए पर

क्यों कर रहे ठेकेदार पर ऐसी मेहरबानी,  

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भिलाई

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Abdul Salam

Jan 04, 2023

Bhilai निगम अफसरों ने ठेकेदार को ई-रिक्शा दे दिए 6.66 रुपए किराए पर

Bhilai निगम अफसरों ने ठेकेदार को ई-रिक्शा दे दिए 6.66 रुपए किराए पर

भिलाई. नगर पालिक निगम, भिलाई की माली हालत खराब है। कर्मियों को दो माह से वेतन नहीं दिया गया है। इसके बाद भी निगम के अधिकारियों ने निगम के संसाधनों को ठेकेदार के हाथ में पानी से भी कम मोल पर किराए में दे दिया है। ठेकेदार को ई-रिक्शान महज 6.66 रुपए प्रतिदिन के दर पर किराए में दिए हैं। वहीं इन वाहनों को चार्जिंग निगम की बिजली से ही किया जा रहा है। इस तरह से ई-रिक्शा वाहन के साथ-साथ इंधन भी निगम से ही लिया जा रहा है। इस तरह से निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ठेका कंपनी पर निगम के अधिकारी इस तरह से मेहरबान क्यों है। यह सवाल अब उठने लगा है।

वाहन और बिजली निगम का
ई-रिक्शा को प्रतिमाह 200 रुपए किराए पर निगम ने दिया है। ठेकेदार हर दिन घर-घर से कचरा एकत्र करने के बाद ई-रिक्शा को चार्ज करने निगम में लाकर खड़ा कर देता है। यहां सभी ई-रिक्शा को कम से कम 2-2 घंटे चार्ज में लगा दिया जाता है। इस तरह से ई-रिक्शा के साथ-साथ ईंधन के तौर पर लगने वाली बिजली का भी भुगतान निगम कर रही है। इसका ठेकेदार केवल उपयोग कर रहा है। डीजल से चलने वाले वाहनों का ईंधन जब ठेकेदार की ओर से वहन किया जाता है, तब ई-रिक्शा को बिजली से चार्ज करने निगम की बिजली का किस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है। ई-रिक्शा को रिचार्ज करने के लिए व्यवस्था भी ठेकेदार को खुद करना चाहिए।

विपक्ष पहले ही है हमलावर
नगर पालिक निगम, भिलाई ने सफाई ठेकेदार को निगम के वाहनों को किराए पर दिया है। जैसे रिक्शा को प्रतिदिन महज 5 रुपए के किराए पर दिए हैं। इसी तरह से सफाई में लगने वाले अन्य भारी वाहन भी किराए में ठेकेदार को दिए गए हैं। सवाल उठ रहा है कि निगम ने ठेकेदार पर वाहनों को किराए पर देने में इतनी मेहरबानी क्यों की है। इस मामले में विपक्ष पहले ही हमलावर है। उनका कहना है कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह से कम दर तय किया गया है। ई-रिक्शा को रिचार्ज करने इससे कई गुना अधिक निगम का बिजली खप रहा है।

खराब हो रहे वाहन
ठेकेदार को निगम ने वाहनों को कम दर पर किराए पर दिया है। इसके बाद वाहनों के रख-रखाव का जिम्मा निगम ने ठेकेदार को दे रखा है। ठेका एजेंसी वाहनों का जमकर उपयोग कर रही है, खराब होने पर निगम के दफ्तरों में लाकर खड़ा कर दिया जाता है। अब निगम क्षेत्र में जितने वाहन दौड़ रहे हैं, उससे अधिक कार्यालय में खराब होकर खड़े हुए हैं। जोन-4 में ही नजर डालें तो 60 ई-रिक्शा में 24 दौड़ रहे हैं और 36 खराब होकर खड़े हुए हैं। ऐसे में सभी वार्डों में घर-घर कचरा कलेक्शन करने रिक्शा कैसे पहुंच सकते हैं। जोन-4 का ही काम्पेक्टर महीनों से खराब पड़ा है। इस वजह से कार्य प्रभावित हो रहा है।

बाहर किराए पर लेने से पड़ता महंगा
जेसीबी को अगर किराए पर ईंधन के साथ लिया जाए तो प्रतिघंटे का 7000 से 8000 रुपए तक भुगतान करना पड़ता है। इसके उलट निगम ने प्रतिदिन 1166 रुपए की दर से किराए पर दिया है।

निगम बढ़ाएगा किराया तो ठेका का रेट बढ़ेगा
रोहित व्यास, आयुक्त, नगर पालिक निगम, भिलाई ने बताया कि नगर निगम अगर अपने संसाधनों का किराया बढ़ा देगा, तब ठेका का रेट बढ़ जाएगा। ठेकेदार बिजनेस करने आया है। नुकसान में तो काम करेगा नहीं। निगम का काम सफाई करवाना है। टेंडर में मौजूद शर्तों के मुताबिक ही किराया लिया जा रहा है। वाहनों को जिस कंडीशन में दिए हैं, ठेकेदार से उस कंडीशन में ही लिया जाएगा।