
गौरव (हनी) शर्मा के यहां चार पीढ़ी ने रामायण एक साथ देखी
भिलाई. रविवार की सुबह जैसे ही रामाणय के प्रसारण का वक्त होता.. सारा काम छोड़कर पूरा परिवार टीवी के सामने होता था और जिनके घर टेलीविजन नहीं थे उन्हें पडोसी आवाज देकर बुलाते थे कि जल्दी आओ रामायण शुरू होने वाली है। बच्चे से लेकर बूढ़े सब एक साथ बैठ जाते और इस घंटे में जैसे पूरा शहर थम सा जाता था। या यूं कहें बिना कहे ही उन दिनों जनता कफ्र्यू लग जाता था। ऐसा ही कुछ नजारा 33 साल बाद दोबारा नजर आया। कोरोना वायरस की वजह से लॉक डाउन से पूरा परिवार घर पर ही है और ऐसे में शनिवार को जब दूरदर्शन पर रामायण का दोबारा प्रसारण हुआ तो 33 साल पुराना वह नजारा फिर सामने आ गया पर इस बार फर्क यह था कि बुजुर्गो के संग उस वक्त दौर के बच्चे अब अपने बच्चों को रामायण से जुड़ी यादों को साझा कर रहे थे। शटर वाले ब्लैक एंड वाइट टीवी की जगह बड़ी स्क्रिन वाला स्मार्ट टीवी सामने था पर रामायण देखते वक्त फिलिंग वही बरसों पुरानी थी।
पहले सीडी में दिखाई, अब दूरदर्शन में देखेंगे
दुर्ग कादम्बरी नगर निवासी गौरव (हनी) शर्मा के यहां चार पीढ़ी ने रामायण एक साथ देखी है। गौरव ने बताया कि आज जब दोबारा रामायण का प्रसारण शुरू हुआ तो उनके पिता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता लखनलाल शर्मा, भाई वैभव शर्मा, पत्नी नीलम, भाई की पत्नी वर्षा सहित घर के बच्चे संस्कृति, समृद्धि और विहान सभी टीवी के सामने थे। गौरव ने बताया कि उन्हें आज अपना बचपन याद आ गया। वे कहते हैं कि उनकी दादी का निधन पिछले वर्ष हुआ लेकिन दादी की डिमांड पर घर की चार पीढ़ी ने सीडी में रामायण देखी। उन्होंने कहा कि आज जब बच्चों ने भी कई सवाल पूछे खासकर उनके बचपन के तो वाकई अपने पुराने दिन याद आ गए। हनी ने कहा कि इस तरह के प्रसारण से दोबारा हम अपने संस्कार और संस्कृति से जुड़ पाएंगे। चैनलों की होड़ और इंटरनेट के मायाजाल में यूथ कुछ अच्छा नहीं देख पाता पर यह ब्रेक फ्री एपीसोड जब वह देखना शुरू करेगें तो वाकई कुछ अच्छा ही सीखेंगे।
भुलाए नहीं भूलता वह दौर
दुर्ग के सुभाषनगर कसारीडीह निवासी राकेश निमजे के परिवार में चार पीढ़ी ने मिलकर रामायण सीरियल का मजा लिया। राकेश ने बताया कि उनकी दादी कमला निमजे, मां दुर्गा निमजे, पिता सुधाकर, भाई आशीष, घर की बहुएं हीना और सोनम के साथ बच्चें मे खुशी और गीतांश सभी सुबह 9 बजे टीवी के सामने जुट गए। घर की तीसरी पीढ़ी ने जहां अपने बचपन के दिन को याद किया तो पिता सुधाकर को सबसे अच्छा कलाकार स्वर्गीय अशोक कुमार को देखना लगा। क्योंकि रामायण की भूमिका उन्होंने ही सुनाई थी। उन्होंने कहा कि एक दौर पहले जब घर में रामायम का टेलीकास्ट किया जाता था तो कई जगह लोग आरती और घंटी बजाने के बाद टीवी शुरु करते थे। आज के दौर में वैसा माहौल तो नहीं हो पर उनकी पीढ़ी केसाथ-साथ तीसरी पीढ़ी के लोग भी इसे देखे बिना नहीं रह पाएंगे।
शेड्यूल नहीं था
दूरदर्शन पर रामायण सीरियल शुरू होने का शेड्यूल कई टीवी सब्सक्राइबर्स के पास नहीं था। इसलिए कई लोग परेशान हुए। शेड्युल में पुराने प्रोग्राम दिखा रहे थे। फिर लोगों ने न सिर्फ रामायण शुरू होते ही टीवी की फोटो शेयर की बल्कि एक दूसरे को फोन कर दूरदर्शन पर इसे देखने को भी कहा।
Published on:
28 Mar 2020 09:14 pm
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