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भिलाई इस्पात संयंत्र में एक ठेका श्रमिक घायल

भिलाई इस्पात संयंत्र में शुक्रवार को हुए दुर्घटना के दौरान एक ठेका श्रमिक का नाक कट गया। सेफ्टी कमेटी मौके पर जायजा लेने पहुंची।

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भिलाई

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Abdul Salam

May 25, 2018

BHILAI

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भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र में बीबीएम मेन स्टैंड के मिल स्केल ट्रांसफर करने वाली चेन कंवेयर को सेट किया जा रहा था। इस दौरान ठेकेदार मैथी ब्रदर्स का श्रमिक अंगद तांडी को चेहरे और नाक पर चोट लग गई। घटना शुक्रवार को सुबह १० बजे की है।

बीएसपी में घायल ठेका श्रमिक

बीबीएम की मेन स्केल ट्रांसफर करने वाली चेन कंवेयर के गियर से निकल गई थी। क्रेन से इस चेन को खींच कर गियर पर बैठाया जा रहा था। इस दौरान चेन कंवेयर में लगा हुआ सीलिंग का बोल्ट निकल गया और सीलिंग अंगद तांडी के चेहरे पर जा लगी।

सेक्टर-9 हॉस्पिटल में किया दाखिल

घायल को तुरंत संयंत्र के मेन मेडिकल पोस्ट लेकर गए। जहां से सेक्टर-9 रेफर किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय समिति के सदस्य और सीटू के सेफ्टी कमेटी मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।

कमेटी ने यह पाया
पीडि़त कर्मी को एम्बुलेंस से मेन मेडिकल पोस्ट पहुंचाने के बाद सीटू की टीम ने मौके का निरीक्षण किया, तो पाया कि मेन स्टैंड से करीब 10 फीट नीचे चेन कनवेयर चलता है, जो इनगट से गिरने वाले स्केल (पपड़ी) को ट्रांसफर कर बाहर ले जाता है, वह चेन गियर से उतर गया था, इसे वापस गियर पर लगाने के लिए क्रेन से सीलिंग लगाकर उठाया जा रहा था, तभी सीलिंग का बोल्ट निकल गया और सीलिंग अंगद तांडी के चेहरे से टकरा गई।

काम करने का तरीका खतरनाक
सेफ्टी कमेटी ने तर्क दिया है कि काम के तरीके में कई खामियां हैं। टनल के नीचे चेन कनवेयर को खींचने के लिए क्रेन के पुली के साथ कोई सीधा संपर्क नहीं है। चेन में सीलिंग को फंसाकर एक ***** से सीलिंग को निकालकर क्रेन के हुक से लगाया जाता है। इस दौरान टनल के नीचे खड़ा व्यक्ति छेद से ऊपर देखते हुए टॉर्च से इशारा करता है। नीचे टनल में खड़े व्यक्ति के इशारे को ऊपर फ्लोर पर खड़ा व्यक्ति समझ कर क्रेन ऑपरेटर को इशारा करता है, तब क्रेन ऑपरेटर सीलिंग खींचता है जो बहुत खतरनाक तरीका है।

कमेटी ने दिया यह सुझाव
सेफ्टी कमेटी ने सुझाव दिया कि टनल के अंदर ही लिफ्टिंग की कोई व्यवस्था होनी चाहिए। सुरक्षा समिति को एक और खामी इस बीच देखने को मिली। सीलिंग को लगाने के लिए डी साइकिल इस्तेमाल ना कर बोल्ट इस्तेमाल किया गया था। समिति ने कहा कि कभी भी सीलिंग लगाते समय डी साइकिल इस्तेमाल होना चाहिए। समिति में एसपी डे, सविता कुमारी, कमलेश चोपड़ा, सुरेश कुमार, जगन्नाथ त्रिवेदी शामिल थे।