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देख रहे हो स्वास्थ्य मंत्री जी स्वास्थ्य बीमा योजना का हाल, 5 लाख लोग महरूम मुफ्त उपचार से

जिले के 5 लाख लोगों के पास नहीं स्मार्ट कार्ड आवेदन देने के बाद कर रहे मैसेज का इंतजार
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भिलाई

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Dakshi Sahu

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Updated: 1 Mar 2018, 7:16 AM IST

Health smart card

भिलाई . जिले के लगभग पांच लाख लोगों को राष्ट्रीय और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। स्मार्ट कार्ड के अभाव में इन्हे इलाज के पीछे जेब से राशि खर्च करनी पड़ रही है। राज्य शासन ने इसके लिए आवेदन तो जमा कराए हैं पर कार्ड बनाने फोटोग्राफी की तारीख अब तक तय नहीं की गई है।

जबकि विधानसभा के बजट सत्र में मामला उठने पर स्वास्थ्य मंत्री ने अपने जवाब में आश्वस्त किया था कि जल्द ही पात्र आवेदकों की फोटोग्राफी कराकर कार्ड जारी करेंगे पर अब तक ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। दरअसल जो लोग आवेदन देने से छूट गए हैं, उनका राज्य शासन की ओर से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत स्मार्ट कार्ड बनाया जाना है।

आवेदन जमा करने के लिए शासन ने अक्टूबर में एक मौका और दिया था। तब जिले के २९३ ग्राम पंचायत, तीन नगर पालिक निगम, तीन नगर पालिका परिषद और तीन नगर पंचायत क्षेत्र के शासकीय चिकित्सालय, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शिविर लगाकर १,१६,२४७ लोगों से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना और १६७४ से राष्ट्रीय बीमा योजना के तहत स्मार्ट कार्ड बनवाने आवेदन लिया गया था।

कंपनियों को ७५ फीसदी क्लेम का भुगतान

दिसंबर 2017 तक स्मार्ट कार्ड के बीमा कंपनियों को क्लेम राशि का 7५ फीसदी बीमा राशि कंपनियों को भुगतान किया जा चुका है। २५ फीसदी राशि शेष है। इस पर वोरा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इसके बावजूद जिले के राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के हितग्राहियों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।

मंत्री ने विस में दिया था जवाब

ऐसा भी नहीं कि यह जानकारी शासन को नहीं है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मामला उठाए जाने के बाद जवाब भी दिया गया है। इसके बावजूद शासन की ओर से अब तक स्मार्ट बनाने कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। दुर्ग शहर विधायक अरूण वोरा ने स्मार्ट कार्ड के लंबित आवेदनों के मामले को जोर शोर से सदन में उठाया था। स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने जवाब देते हुए जल्द फोटोग्राफी कर स्वास्थ्य बीमा कार्ड जारी करने की बात कही है, लेकिन जिले के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी ने नए कार्ड को लेकर कोई भी आदेश प्राप्त नहीं होने की बात कही है।

५ लाख लोग स्वास्थ्य बीमा से वंचित

२०११ की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी १७.२५ लाख से अधिक है। इसमें से २,८९, ०९० परिवार के पास स्मार्ट कार्ड है। इसमें १,८०,१६० राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और १,०८,९३० परिवार मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्डधारी हैं। औसतन प्रति कार्ड चार सदस्य के हिसाब से आकलन किया जाए, तो ११,५६,३६० लोग स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पंजीकृत हंै।

२०११ की जनगणना के अनुसार ५ लाख लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। मतलब १,१६,२४७ स्मार्ट कार्ड बनाए जाने के बाद पांच लाख लोग स्वास्थ्य बीमा योजना से लाभान्वित होंगे। फिलहाल इन लोगों को शासकीय चिकित्सालय में भी इलाज के लिए अपनी जेबें ढीली करनी पड़ रही है।

इस तरह पांच लाख लोगों का नहीं हुआ बीमा

एक कार्ड में पांच मेंबर्स का बीमा होता है। इस हिसाब से जिले के २,८९,०९० स्मार्ट कार्ड के अंतर्गत १४,४५,४५० लोग ५० हजार रुपए की स्वास्थ्य बीमा योजना से लाभान्वित हैं। जबकि वर्तमान में जिले की आबादी लगभग १८.५० लाख है। इस हिसाब से ५ लाख लोगों का स्वास्थ्य बीमा नहीं हुआ है। ५० हजार ऐसे लोग हैं।

दुर्ग सीएचएमओ डॉ. सुभाष पांडेय ने बताया कि ११६२४७ आवेदनों की एंट्री हो गई है। लोक सुराज शिविर के २५ हजार आवेदनकर्ताओं का समाधान शिविर में कार्ड बनाया जाएगा। इसके बाद बाकी लोगों का कार्ड बनेगा।