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लोहा पिघलाने वाले हाथों ने आज लोगों के दिलों को पिघला दिया… पढ़ें पूरी खबर

अटल की याद में भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों ने पढ़ी दिलों को पिघलाने वाली कविता

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भिलाई

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Bhuwan Sahu

Sep 17, 2018

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लोहा पिघलाने वाले हाथों ने आज लोगों के दिलों को पिघला दिया... पढ़ें पूरी खबर

भिलाई . पत्थर को पिघलाकर फौलाद और फिर फौलाद को इस्पात बनाकर सांचे में ढालकर आकार देने वाले भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों के भी दिलों में कविता पलती है। 1400 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान पर दहकती धमनभट्ठियों में काम करने वाले फौलादी इरादों वाले कर्मियों के हृदय से कविताओं और कोमल भावनाओं की ऐसी रस बह निकली के पूरा हाल तालियों की गडग़ड़ाहट से गंूज उठा। यहां रविवार को केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में बीएसपी कर्मियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। साय भी २.३० घंटे तक बैठकर इन कवियों को न सिर्फ सुनते रहे, बल्कि अंत में नौ रत्न कहकर सराहा।
बीएसपी के कर्मचारी व कवियों ने भिलाई निवास में कविता पाठ कर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। सभी को राजस्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय, बीएसपी के सीईओ एम रवि की मौजूदगी में स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्म्मानित किया।

इस्पात मंत्री साय ने अटल की याद में पढ़ी कविता

इस्पात मंत्री साय ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की याद में उनकी कविता कदम मिलाकर चलना होगा का पाठ किया। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष अटल को कुशल नेतृत्व और ओजस्वी वक्ता के रूप में नहीं, बल्कि एक लोक प्रिय कवि के रूप में भी यादव किए जाएंगे। वहे भले ही राजनीतिज्ञ रहे हों, लेकिन हृदय से कवि ही थे। बीएसपी के मैनेजर मैनेजर आनंद तिवारी की पत्नी निशा आनंद ने अटल किरदार जिया का पाठ कर एक बार फिर १७ अगस्त की याद दिला दी। जब पूरा देश ही नहीं, समूचा विश्व अटल के अंतिम दर्शन करना चाहता था। सीनियर टेक्नीशियन सीआरएम गजराज दास महंत ने अपनी कविता में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की दोस्ती का बयान किया। उन्होंने कहा कि दोस्ती ने देश को परमाणु, पोखरण और मिसाइल के अविष्कार में योगदान दिया। पोखरण को कारगिल युद्ध के विजय का दूरगामी सोच बताया। मार्स-1 के टेक्नीशियन किशोर तिवारी ने कविता पढ़ी।


उन्होंने कहा कि पूछ रहे बच्चे सवाल, हमें चुप कराते हो, खुद मचाते हो बवाल। ब्लास्ट फर्नेस कर्मी शेख निजाम राही ने पंक्ति ये मुकद्दर रूठ जाता है, वो जमाना हमारा होता था और गुरु भगवान होते थे, तुम्हारे दौर में गुरु ... का पाठ किया। राही ने अपनी कविता सुनाने के दौरान बताया कि इस कविता को सुनाने के बाद उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। इसके बाद ही उन्होंने वह कविता सुनाई, जिसे सुनकर मौजूद श्रोता झूम उठे। वहीं सेक्टर-२ निवासी सीनियर टेक्नीशियन आटो रिपेयर शॉप आलोक शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री की कविता गीत नया गाता हूं, का पाठ किया। स्वराजंलि में एसएमएस-1के चार्जमैन हेमंत जंगम, गोविंद पाल, क्रेन सेक्शन के भीखम सिंह हंगामा, राजहरा माइंस से घनश्याम पारकर, जनपद सदस्य अजय शर्मा सहित ने अटल की याद में कविता पाठ किया।