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Bhilai 90 साल पुराने पीपल और बरगद के पेड़ को शिफ्ट करने की तैयारी

दो लाइन का अंडरब्रिज,
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भिलाई

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Abdul Salam

•

Updated: 15 Dec 2022, 9:49 PM IST

Bhilai 90 साल पुराने पीपल और बरगद के पेड़ को शिफ्ट करने की तैयारी

Bhilai 90 साल पुराने पीपल और बरगद के पेड़ को शिफ्ट करने की तैयारी

भिलाई. सुपेला अंडरब्रिज निर्माण के दौरान बाधा बन रहे पीपल और बरगद के पेड़ को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। वन विभाग, दुर्ग ने यह कार्य जेडी इंटरप्राइजेंज, भिलाई को सौंपा है। इसकी सीईओ नेहा बंसोड ने बताया कि उन्होंने वानिकी व वन्य जीव में मास्टर डिग्री हांसिल की है। इसके अलावा आर्बोरिस्ट का भी कोर्स किया है। इसके पहले पदुमनगर, भिलाई-3 में भी सड़क निर्माण के दौरान पेड़ों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए थे। जिसमें सफलता मिली। जिसको देखते हुए ही यहां की जिम्मेदारी मिली है। यह पेड़ करीब 90 साल से अधिक पुराना है।

दो लाइन का अंडरब्रिज
सुपेला रेलवे फाटक अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। 5 मीटर की हाइट रहेगी, जिससे भारी वाहन भी निकल सके। इसे भी नेहरू नगर अंडरब्रिज की तरह दो लाइन वाला बनाया जाएगा। यह अंडरब्रिज जय प्रकाश नरायण की प्रतिमा को घेरते हुए आगे की ओर बढ़ जाएगा। यह टाउनशिप की ओर दो मुंह वाला और सुपेला की ओर एक मुंह वाला होगा।

सीधा रास्ता होगा सुपेला की ओर
इस अंडरब्रिज का सुपेला की ओर सीधा रास्ता होगा। इसकी लंबाई करीब 230 मीटर होगी। वहीं टाउनशिप की ओर यह दुर्ग की ओर मुड़ेगा और सेक्टर-2 और मस्जिद की ओर टर्न लेगा। इसकी लंबाई करीब 160 मीटर की होगी। इस तरह से कुल लंबाई करीब 420 मीटर होगी।

माह में गुजरते हैं 40 लाख राहगीर
भिलाई की बसाहट इस तरह की है, कि शहर दो भाग में बंटा नजर आता है। एक हिस्से में टाउनशिप है, तो दूसरे में पटरीपार इलाका। टाउनशिप से पटरीपार आने जाने के लिए लोगों को आसान रास्ता सुपेला रेलवे फाटक का नजर आता है। टाउनशिप से अधिकतर वाहन चालक फोरलेन से राजधानी जाने के लिए भी इस मार्ग का ही इस्तेमाल करते हैं। माह में तकरीबन चालीस लाख लोग सुपेला के रेलवे फाटक से गुजरते हैं। यहां कुछ मिनट भी रेलवे फाटक बंद होता है, तो अफरा-तफरी जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है।

हर तीन मिनट पर आती है ट्रेन
सुपेला रेलवे फाटक से हर तीन मिनट में ट्रेन गुजरती है। इसकी वजह से अधिक से अधिक समय यह गेट बंद ही रहता है। अंडरब्रिज बन जाने से लोगों को राहत मिलेगी। यहां वे बिना ट्रेनों के गुजरने का इंतजार किए जा सकेंगे।

एक साल से अधिक समय तक होगी परेशानी
रेलवे फाटक पूरी रात बंद रहने से बीएसपी में ड्यूटी जाने वालों को दिक्कत होगी। पटरीपार से बड़ी संख्या में लोग हर दिन ड्यूटी करने इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। इसी तरह से व्यापारी भी टाउनशिप के लिए इस रास्ते से ही जाते हैं। सुपेला और आकाश गंगा मार्केट के तमाम दुकानदारों की ग्राहकी पटरीपार और टाउनशिप से ही है। रेलवे फाटक बंद हो जाने से करीब 500 व्यापारियों का व्यापार प्रभावित होगा। जिसमें आटोमोबाइल, होटल, इलेक्ट्रॉनिक व दूसरे व्यापारी शामिल हैं।

- 15 दिन से चल रही पेड़ शिफ्ट करने की तैयारी,
- प्रि-ट्रीटमेंट करने के दौरान डाले दवा,
- 3 दिनों से पेड़ के आसपास से हटा रहे मिट्टी,
- 2 दिनों तक पानी भरकर रखना था, लेकिन इस प्रोसेस के लिए नहीं है जगह,
- 25-30 हजार में समतल जमीन में होता है शिफ्ट का काम,
- 40 हजार लग रहा गहराई के करीब होने की वजह से व्यय,
- 300 मीटर दूर पेड़ को शिफ्ट करने, कल ली गई है तैयारी,