
मायके से पहुंची सरगी, तारों की छांव में सरगी खाकर शुरू करेंगे करवा चौथ का व्रत
भिलाई@Patrika. मिनी इंडिया भिलाई में अब करवा चौथ की तैयारी शुरू हो चुकी है। उत्तर भारत में मनाया जाने वाला करवा चौथ का यह पर्व ट्विनसिटी में भी उत्साह के साथ मनाया जाएगा। सुहाग की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले इस व्रत के लिए सुहागिनों ने अपनी शॉपिंग शुरू कर दी है तो पंजाबी परिवारों में बेटियों के घर से सरगी पहुंच चुकी है। व्रत के एक दिन पहले बाजार में भी फैनियां, करवे, चांद देखने सजावटी छलनियां, पूजा की थाली, कलश की बिक्री शुरू हो चुकी है। साथ ही दुल्हन की तरह सजने-संवरने महिलाओं ने भी डिजाइनर कपड़े, चूडिय़ां, मेहंदी भी तैयार कर ली है। गुरुवार तड़के तारों की छांव में मायके से आई सरगी खाकर महिलाएं दिनभर पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखेंगी और रात में चांद के दीदार के बाद पति का चेहरा देख व्रत को पूरा करेंगी।
आज मेंहदी लगाने होड़
बुधवार का दिन महिलाओं का मेहंदी लगाने में बीत रहा। सेक्टर 6 मार्केट में मेहंदी आर्टिस्ट ने भी करवा चौथ को लेकर स्पेशल डिजाइन तैयार किए हैं। बुधवार को मार्केट बंद होने के बावजूद यहां मेहंदी आर्टिस्ट मौजूद हैं। क्योंकि मेंहदी की ऐसी डिमांड है कि यहां लेडिज को लाइन लगानी पड़ती है। सेक्टर 6 ए मार्केट स्थित फैंसी स्टोर के संचालक रमेश राव ने बताया कि इस बार मुंबईया स्टाइल के साथ राजस्थानी पैर्टन की ज्यादा डिमांड है।
मायके से आई सरगी
पंजाबी समाज में व्रत से पहले बेटियों के लिए मायके से सरगी पहुंचने लगी है। कई घरों में सरगी पहुंचने का सिललिसा सोमवार शुरू हो गया। फैनियों( बारीक सेवइयां) के साथ मिठाइयां, फल आदि के साथ नए कपड़े ,सुहाग सामग्री लेकर मायके से भाई या माता-पिता बेटियों के घर पहुंचे। गुरुनानक नगर निवासी जसप्रीत कौर ने बताया कि सरगी एक शगुन होता है। कहा जाता है कि जब तक मायका है तब तक सरगी आती है। कई घर ऐसे है जहां बहू के माता-पिता नहीं है,लेकिन शादी के 30 साल बाद भी उनके भाई-भतीजे सरगी लेकर आते हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार की सुबह तारों की छांव यानी तड़के सुबह 4 बजे सुहागिनें सरगी करेंगी। जिसमें मायके से आई फैनियों को सास अपने हाथों से तैयार कर बहू को परोसेंगी। इस वक्त मिठाईयां, मट्ठी आदि भी सरगी में खाई जाती है। इसे खाने के बाद ही करवाचौथ का व्रत शुरू होगा।
उत्तर भारत से पूरे देश में
पिछले दो दशक से करवा चौथ का व्रत उत्तर भारत से पूरे देश में किया जाने लगा है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड के साथ-साथ यूपी और बिहार के बाद अब छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, में भी इसे काफी उत्साह के साथ सुहागिनें करती है। सेक्टर 5 की नीलिमा चंद्राकर ने बताया कि उनके यहां तीजा का व्रत होता है,लेकिन अपने ग्रुप की दूसरी सहेलियों को व्रत करता देख वे भी तीन साल से इस व्रत को रख रही हैं और पंजाब में होने वाली रस्मों को भी निभाती है। खासकर शाम को थाली घूमाने और पूजा करने वे जरूर जाती है।
Published on:
16 Oct 2019 12:01 pm
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