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रेलवे स्टेशन में विक्षिप्त ने मचाया आंतक, खड़ी एसी बोगी का शीशा तोड़ दिया

रेलवे स्टेशन के गुड्स ट्रैक पर खड़ा नया एलएचबी कोच पथराव से क्षतिग्रस्त हो दिया। एसी कोच के शीशे तड़क गए।

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रेलवे स्टेशन में विक्षिप्त ने मचाया आंतक, खड़ी बोगी का शीशा तोड़ दिया

दुर्ग. रेलवे स्टेशन के गुड्स ट्रैक पर खड़ा नया एलएचबी कोच पथराव से क्षतिग्रस्त हो दिया। एसी कोच के शीशे तड़क गए। मामला सार्वजनिक होते ही रेलवे के अधिकारियों ने सफाई देना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि घटना १५ दिन पुरानी है और पत्थरबाजी करने वाला विक्षिप्त है। घंटा भर तक चौकी में रखने के बाद खुलासा हुआ कि वह मनोरोगी है। इसे देखते हुए उसे छोड़ दिया गया।

अतिरिक्त कोच था, जिसे जरूरत पडऩे पर लगाते
स्टेशन मास्टर एम खान ने बताया कि कोच लगभग एक माह पहले आया है। कोच एलएचबी है। इसका उपयोग संपर्क क्रांति, राजधानी या फिर हमसफर एक्सप्रेस में कोच की समस्या होने पर करना है। शीशे टूटने की जानकारी मंडल कार्यालय को दी गई है।

असुरक्षित तरीके से रखा गया है कोच
एक्स्ट्रा कोच को असुरक्षित तरीके से रखा गया है। नियमत: अतिरिक्त कोच को डिपो में शेड के नीचे या फिर ऐसे स्थान पर रखना है जहां आम आदमी पहुंच न पाए। आम तौर पर दुर्ग रेलवे स्टेशन के वाशिंग लाइन स्थित डिपो में जगह नहीं होने पर कोच को सुरक्षा के लिहाज से मरोदा यार्ड में रखने का प्रावधान है, लेकिन यह कोच गुड्स ट्रैक पर था।

विक्षिप्त व असामाजिक तत्वों पर रोक नहीं
विक्षिप्त व असामाजिक तत्वों पर आरपीएफ व जीआरपी दोनों का नियंत्रण नहीं है। एक वर्ष पहले असामाजिक तत्वों की वजह से एक्सप्रेस ट्रेन का एक कोच बेपटरी हो गई थी। वहीं छह माह पहले विक्षिप्त ने स्टेशन परिसर में बने ओवर हेड टैंक पर चढ़कर उत्पात मचाया था। उसे उतारने के लिए तीन घंटे तक मशक्कत करना पड़ी थी।

वह मनोरोगी है

आरपीएफ चौकी प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि घटना आज की नहीं 15 दिन पुरानी है। सूचना मिलते ही जांच की गई। उक्त घटना को जिसने अंजाम दिया था वह मनोरोगी है। घटना का उल्लेख रोजनामचा में किया गया है।