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दुर्ग-रायपुर सिक्स लेन के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए खुशखबरी, मिल सकता है चार गुना मुआवजा

दुर्ग-नया रायपुर के बीच प्रस्तावित सिक्स लेन एक्सप्रेस कॉरिडोर जिले के 26 गांवों के 1349 किसानों की जमीन से होकर गुजरेगी।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Feb 02, 2019

PATRIKA

दुर्ग-रायपुर सिक्स लेन के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए खुशखबरी, मिल सकता है चार गुना मुआवजा

दुर्ग. दुर्ग-रायपुर सिक्स लेन सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण की जद में आ रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है। भूमि अधिग्रहण और राजमार्ग प्राधिकरण के नियमों के लेकर जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक किसानों को अब जमीन के एवज में कलक्टर गाइड लाइन की दर से 4 गुना तक मुआवजा मिल सकता है। फिलहाल जिला प्रशासन द्वारा गाइड लाइन की दर से दो गुना और 50 फीसदी पुनर्वास को मिलाकर ढाई गुना मुआवजा की तैयारी की जा रही है।

दुर्ग-नया रायपुर के बीच प्रस्तावित सिक्स लेन एक्सप्रेस कॉरिडोर जिले के 26 गांवों के 1349 किसानों की जमीन से होकर गुजरेगी। करीब 44.50 किमी सड़क के लिए जमीन की मार्किंग कर अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। भारत माला परियोजना के तहत इस एक्सप्रेस कॉरिडोर का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से कराया जाएगा। प्रस्तावित जमीन के खसरा नंबर चिन्हित कर मार्किंग का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। वहीं जमीन अधिग्रहण के लिए नोटिफिकेशन जारी कर प्रारंभिक दावा-आपत्तियां मंगाई जा चुकी है।

इसलिए कह रहे चार गुना मिल सकता है मुआवजा
भूमि अधिग्रहण अधिनियम के प्रावधानों के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राज्य में केंद्रीय योजनाओं के लिए मुआवजा के संबंध में 28 दिसंबर 2017 को दिशा निर्देश जारी किया है। इसके मुताबिक कलक्टर गाइड लाइन की दर से 2 गुनी राशि में 100 प्रतिशत सोलेशियम (हर्जाना या क्षतिपूर्ति) जोड़कर मुआवजा तय किया जाना है। सिक्स लेन केंद्र की भारत माला परियोजना का अंश है। इसलिए इस प्रावधान का पालन किया जाना है।

पूर्ववर्ती सरकार ने यह लगाई पेंच
भूमि अधिग्रहण अधिनियम में धारा 106 व 107 के तहत राज्य सरकारों को योजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए नियम व शर्ते तय करने का अधिकार दिया गया है। इसमें मुआवजे की दर को कम नहीं करने की शर्त भी रखी गई है। इसके विपरीत पूर्ववर्ती सरकार ने 4 दिसंबर 2014 को दर को कम करते हुए शहरी व ग्रामीण दोनों के लिए 1 गुना कर दिया। इसमें 100 फीसदी सोलेशियम और पुनर्वास राहत मिलाकर केवल ढाई गुना का प्रावधान कर दिया।

नई सरकार ने भी साधी चुप्पी
हाइकोर्ट कोर्ट के फैसले के तत्काल बाद प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो गई थी। इसलिए पूर्ववर्ती सरकार ने हाइकोर्ट के निर्देश पर ध्यान नहीं दिया। इसके कारण मामला अटका रहा। वहीं मौजूदा सरकार भी अब इस पर ध्यान नहीं दे रही है। दूसरी ओर जिला प्रशासन पूर्व सरकार की अधिसूचना के आधार पर जमीन अधिग्रहण की तैयारी कर रहा है। इसी आधार पर मुआवजा भी दिया जाएगा।

किसानों की याचिका पर हाइकोर्ट ने किया कटौती रद्द
सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में मुआवजा की दर घटाने से नाराज किसान अनिता अग्रवाल, विष्णु प्रसाद साहू व 6 अन्य ने हाइकोर्ट में याचिका लगाई। इस याचिका पर 30 अक्टूबर 2018 को फैसला सुनाते हुए हाइकोर्ट ने सरकार के मुआवजे की दर में कटौती के फैसले को खारिज कर दिया। इसके साथ ही सरकार को निर्देश जारी किया कि नई अधिसूचना जारी कर प्रावधानों के अनुरूप मुआवजा तय किया जाएगा।

प्रभावित किसान व राजस्व के जानकार ज्योति कुमार वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिशा निर्देशों में मुआवजा को लेकर प्रावधान स्पष्ट है। किसानों को 4 गुना मुआवजा मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री व विभागीय सचिव ने वाजिब मुआवजा के निर्देश देनेे का भरोसा दिलाया है। एडीएम दुर्ग संजय अग्रवाल ने बताया कि मुआवजे के संबंध में संबंधित राजस्व अधिकारियों के समक्ष दावा-आपत्ति मंगाई गई थी। इसमें कुछ आपत्तियां आई है। इस पर राजस्व अधिकारी सुनवाई कर रहे हैं। 4 फरवरी को जनसुनवाई होगी। इसमें आम लोगों का पक्ष सुना जाएगा।