
सीएम के गृह जिले में राजनीतिक ड्रामा : जिला पंचायत CEO विवाद: सदस्य और कांग्रेस संगठन के सुर अब अलग-अलग
राजनांदगांव. जिला पंचायत सीईओ से विवाद के बाद २४ घंटे तक चले ड्रामे में पूरी तरह किरकिरी कराने के बाद अब कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस संगठन के सुर अलग अलग हो गए हैं। एक ओर कांग्रेस संगठन ने साफ कहा है कि जिला पंचायत के पदाधिकारियों ने खुद बार बार फोन कर उन्हें आने और पूरे मामले का हल निकालने की बात की थी तो दूसरी ओर सदस्यों ने गुरूवार को हुए समझौते को दरकिनार कर अब सीईओ के खिलाफ आंदोलन और तेज करने और कानूनी लड़ाई लडऩे की बात की है।
एफआईआर है दर्ज
गुरूवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक के बहिष्कार के बाद मचे बवाल का दूसरे दिन समाधान निकला था। हालांकि इस समाधान में पूरे २४ घंटे तक दिन और रात धरना देने वाले कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्यों को कुछ खास नहीं मिला। अलबत्ता सीईओ ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत १७ लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का पुलिसिया मामला जरूर दर्ज करा दिया था। सीईओ के साथ समझौता बैठक में कांग्रेस संगठन के नेता आपस में ही भिड़ गए थे और आखिरकार कांग्रेस की किरकिरी के साथ पूरा मामला खत्म हुआ था।
व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का प्रश्न बना रहे: बघेल
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष बघेल ने कहा कि जिला पंचायत सदस्य जनता से जुड़े मुद्दों पर सदन में बात रखना चाहते थे पर अफसर वहां नहीं मौजूद रहते। उन्होंने कहा कि रमन सिंह के राज्य में अधिकारी राज चल रहा है। बघेल ने कहा कि अधिकारी बातों को अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का प्रश्र बना रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस संगठन अफसरशाही के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी और उनको जवाब दिया जाएगा।
कल चुप रहे, आज उग्र हो गए सारे सदस्य
शुक्रवार को सीईओ के साथ संगठन के नेताओं के साथ बैठक के दौरान जिला पंचायत के सारे सदस्य चुप थे। सीईओ के साथ किसी ने किसी प्रकार के विवाद से इंकार किया था लेकिन आज अचानक सारे सदस्य उग्र हो गए। सदस्यों ने एक साथ बैठकर रणनीति तैयार की और प्रदेश अध्यक्ष बघेल के आज दौरे के दौरान उनसे मुलाकात कर अपनी बात रखी। सदस्यों ने सीईओ के खिलाफ आंदोलन तेज करने की बात प्रदेश अध्यक्ष के सामने की है।
अध्यक्ष को दिखाया दो दिन के अखबार
कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग संगठन के सम्मेलन के दौरान उद्याचल के सभागार के पीछे जिला पंचायत सदस्यों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बघेल से मुलाकात की। पता चला है कि सदस्यों ने बघेल को दो दिन का अखबार दिखाया है। पहले दिन सीईओ के खिलाफ देर रात तक धरने पर डटे रहने की खबर और दूसरे दिन कांग्रेस की किरकिरी की खबर दिखाकर बघेल को बताने की कोशिश की गई कि संगठन के आने के बाद पूरा आंदोलन ठंडा पड़ गया।
सीईओ के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी
उपाध्यक्ष जिला पंचायत सुरेन्द्र दास वैष्णव ने कहा कि हमने प्रदेश अध्यक्ष के सामने पूरे घटनाक्रम को रखा है। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। सीईओ के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। सदन में अफसर नहीं आते, इस बात को लेकर हम लगातार प्रशासन को ध्यान दिलाते आ रहे हैं।
सहमति से सब हुआ
अध्यक्ष जिला कांग्रेस नवाज खान ने कहा कि जो कुछ हुआ, सबसे सामने, सार्वजनिक तौर पर हुआ। जहां तक समझौते की बात है, जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने उनको फोन कर कहा था कि अब आप आईए और संगठन के माध्यम से इस पूरे मामले का हल निकालें। उनकी सहमति से सब हुआ है।
विवाद की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को
अध्यक्ष जिला पंचायत चित्रलेखा वर्मा ने कहा कि सदन में अफसरों की गैरमौजूदगी और सीईओ से हुए विवाद की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को हमने दी। उन्होंने जिला अध्यक्ष को बुलाकर कलक्टर से हुई बात का ब्यौरा लिया है और हमें सदन में बिना किसी भय के साथ जनता के मुद्दों पर काम करने कहा है।
Published on:
21 Jul 2018 11:04 pm
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