26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मुहूर्त पर भारी रेशम की डोर, भाई की कलाई पर बांधा बहन ने अपना प्यार

भिलाई. भाई बहन का प्यार मुहूर्त पर भारी पड़ा। भद्राकाल में राखी बांधने के मुहूर्त नहीं होने की खबरों के बीच भाईयों ने बहनों से राखी बंधवाई। हालांकि राखी बांधने लोगों ने भद्राकाल के असर को नहीं देखा, लेकिन सुबह पूर्णिमा के शुरू होने का इंतजार जरूर किया। सुबह 10 बजकर 53 मिनट के बाद ही अधिकांश ने राखी बांधी। अपने भाईयों को राखी बांधने कई जगह बहने मायके पहुंची तो कई भाई बहनों के ससुराल पहुंचे।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भिलाई

•

image

Komal Dhanesar

•

Updated: 11 Aug 2022, 9:35 PM IST

भाईयों ने बहनों से राखी बंधवाई

अपने भाईयों को राखी बांधने बहने पहुंची

जेल में पहुंची सैकड़ों राखियां

राखी को लेकर जेल में खास इंतजाम किए गए थे। कोविड गाइडलाइन की वजह से इस वर्ष भी जेल के अंदर बहनों को प्रवेश नहीं दिया गया। जिन बहनों को इसकी जानकारी नहीं थी वे राखी लेकर जेल पहुंची थी, लेकिन उनकी राखियां ड्राप बॉक्स में डलवाई गई। इस दौरान जेल के अंदर से कैदियों को उनके घरों पर वीडियो कॉल और फोन पर बात भी कराई गई। सभी भाईयों ने अपनी बहनों और परिवार से बात की और उनकी भेजी राखियां अपनी कलाई पर बांधी। इस बार जेल ेमं राखी के 422 लिफाफे पहुंचे। जेल अधीक्षक योगेश क्षत्री ने बताया कि 5 सौ से ज्यादा कैदियों को टेलीफोन से उनकी बहनों और परिवार वालों से बात कराई गई। जबकि 20 वीडियोकॉल के जरिए कैदियों ने अपनी बहन का चेहरा देखा। वही 80 कैदी बहनों की राखियां उनके भाई तक पोस्ट से भेजी गई।

शाम तक पहुंचती रही बहनें
भाईयों को राखी बांधने बहनें शाम तक पहुंचती रही। बसों और ट्रेन में भी बहनों की भीड़ शाम तक रही। आससाप के गांवों तक जाने जहां बस स्टैंड में काफी भीड़ रही। वही लोकल ट्रेन में भी महिलाओं की संख्या रोज के मुकाबले ज्यादा नजर आई।

कल सुबह भी बांधेेंगे राखी
कई बहनों ने मुहूर्त के फेर में शुक्रवार सुबह राखी बांधने का मूड बनाया है। कई परिवार में रात में राखी नहीं बांधने की वजह से सुबह साढ़े 7 बजे के पहले राखी बांधी जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

भिलाई

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग