
भिलाई. रुपए डबल करने का झांसा देकर लोगों के लाखों, करोड़ों रुपए लेकर विदेश भाग चुके और फरार होने की तैयारी कर रहे चिटफंड कंपनियों के संचालकों को पकडऩे के लिए पुलिस अब रेड कॉर्नर और लुक आउट नोटिस का सहारा लेगी। जिन कंपनियों के खिलाफ धोखाधड़ी और राशि गबन के केस चल रहे होंगे, उनके संचालकों की पूरी रिपोर्ट एयरपोर्ट प्रबंधन व विदेशी पुलिस को भेजी जाएगी। लुक आउट नोटिस के माध्यम से भागने की तैयारी कर रहे धोखाधड़ी के आरोपी एयरपोर्ट पर जांच के दौरान चिन्हांकित हो जाएंगे और भाग नहीं पाएंगे।
विवेचना इतनी मजबूत हो कि आरोपी बच न सके
दुर्ग रेंज आईजी जीपी सिंह ने गुरुवार को पुलिस अधिकारियों की मैराथन बैठक ली। जिसमें उन्होंने रेड - कॉर्नर नोटिस से लेकर लुक ऑउट नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि इस मामले की विवेचना इतनी मजबूत हो कि आरोपी पुलिस से बच न सके। उनकी समयबद्ध तरीके से गिरफ्तारी हो सकें।
थानावार चिटफंड कंपनी के खिलाफ दर्ज फाइल की समीक्षा
भिलाई नगर ३२ बंगला में आयोजित बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला, शहर एएसपी शशिमोहन सिंह, ग्रामीण एएसपी डीआर पोर्ते, दुर्ग सीएसपी (आईपीएस) भोजराज पटेल, सीएसपी वीरेन्द्र सतपथी, सीएसपी अजीत यादव, समेत अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। इस मौके पर संबंधित थाना में दर्ज चिटफंड मामले के थाना प्रभारियों को बुलाया गया था। आईजी जीपी सिंह ने जिले के थानावार चिटफंड कंपनी के खिलाफ दर्ज फाइल की समीक्षा की। उनकी विवेचना कैसी करनी है। उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध दुर्ग जिले में २५ प्रकरण लंबित पाए गए। उन्हें सुनियोजित तरीके से कार्रवाई कर निराकृत करने किया जाए।
सायबर ट्रैकिंग के माध्यम से कार्रवाई
जिला कलक्टर को पत्र लिखकर ऐसी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की संबंधी कार्यवाही करने कहा ताकि निवेशकों को राहत मिल सके।आईजी सिंह ने कहा कि चिटफंड मामले में फरार आरोपियों की आयकर डिटेल्स, बैंक डिटेल्स, प्रापर्टी प्रोफाइल एवं फैमिली प्रोफ ाइल की खोजबीन करें। इसे आधार बनाकर सायबर सपोर्ट एवं सायबर ट्रैकिंग के माध्यम से कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन दिया।
चिटफंड के 48 मामले दर्ज
जिले में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ ४८ मामले अलग अलग थानों में दर्ज है। आईजी ने बताया कि पुलिस ने २३ मामलों की जांच पुरी कर ली है। आरोपी भी पकड़े जा चुके है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
25 प्रकरण है लंबित
जिले में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ दर्ज मामले में २५ प्रकरण लंबित है। पुलिस का कहना है कि लंबित प्रकरणों को जल्द सुलझाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
50 आरोपी फरार
कंपनियों के खिलाफ दर्ज मामलों में ७० आरोपियों को गिरफ्तर किया जा चुका है। वहीं ५० आरोपी फरार है। फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने प्लान तैयार किया है। जिसके मुताबिक आरोपी देश या बिदेश कहीं भी हो पकड़ा जाएगा। पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी फरार आरोपी से विदेश भागने की सूचना नहीं है। फिर भी इसकी पडताल कराई जाएगी।
इसलिए जारी किया जाता है रेड कॉर्नर नोटिस
रेड कॉर्नर नोटिस मिलने पर संबंधित देश की पुलिस आरोपी को उस देश को सौंप देते हैं, जहां का वह अपराधी है। अगर कोई अपराधी अपराध करने के बाद देश को छोड़कर किसी अन्य देश में चला जाता है, तो ऐसे अपराधी को पकडऩे के लिए सरकार दूसरे देश की पुलिस की मदद लेने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाती है, जिसकी वजह से जिस देश में अपराधी छुपा है। उस देश की पुलिस के सहयोग से अपराधी को पकड़ा जा सके।
ऐसे लगाएं आरोपी का पता
संबंधित कंपनियों के सीए से जानकारी ली जाए।
कंपनी के बैलेंस-शीट, निवेश, अर्जित चल-अचल संपत्ति की जानकारी प्राप्त करें।
आरोपियों के एजेंट के बारे में जानकारी कलेक्ट करें।
आरोपी चिटफंड कंपनी के रजिस्ट्रेशन के समय क्या डाक्यूमेंट्स लगाए है।
कस्टमर को दिए मोबाइल नम्बर के आधार पर ट्रेस करें।
Published on:
27 Apr 2018 02:14 pm
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