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भिलाई निगम से पहले हो सकता है रिसाली निगम का चुनाव

रिसाली निगम के गठन की अधिसूचना जारी होने के बाद से रिसाली जोन क्षेत्र के 13 पार्षदों का निर्वाचन शून्य हो गया है। रिसाली निगम की मूलभूत कार्य भी ठप है। साफ-सफाई अन्य मूल भूत सुविधाओं की व्यवस्था बनाने में अधिकारी कर्मचारियों को दिक्कत आ रही है।

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भिलाई.प्रशासनिक अमले में नव गठित रिसाली निगम को लेकर जिस तरह से तेजी सेकाम काम चल रहा है। उससे यह संभावना जता रहे हैं कि नव गठित रिसाली निगम का चुनाव भिलाई निगम से पहले हो सकता है। भिलाई निगम का परिसीमन का मामला अटका हुआ है।चुनाव कराकर रिसाली निगम क्षेत्र के विकास को गति दिया जा सकता है। रिसाली निगम के गठन की अधिसूचना जारी होने के बाद से रिसाली जोन क्षेत्र के 13 पार्षदों का निर्वाचन शून्य हो गया है। रिसाली निगम की मूलभूत कार्य भी ठप है। साफ-सफाई अन्य मूल भूत सुविधाओं की व्यवस्था बनाने में अधिकारी कर्मचारियों को दिक्कत आ रही है। इसलिए शासन भिलाई निगम से पहले चुनाव कराने की संभावना ज्यादा प्रबल हो गई है।

छह महीने के अंदर चुनाव का प्रावधान
निगम अधिनियम के 1956 के मुताबिक नगरीय निकाय में निर्वाचित महापौर/ अध्यक्ष का पद रिक्त होने की स्थिति में छह महीने के अंदर चुनाव का प्रावधान है। इस लिहाज से देखा जाए तो रिसाली निगम के गठन को लेकर 26 दिसंबर को अधिसूचना जारी हुआ था। 6 माह कार्यकाल जून में समाप्त हो जाएगा। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग रिसारी निगम को स्टेब्लिश करने में लगा हुआ है।
पहले परिसीमन, फिर जनगणना
रिसाली निगम के नक्शा के अनुसार 40 वार्डों का परिसीमन किया जा रहा है। भिलाई निगम से 13 वार्डों को अलग कर रिसाली निगम का गठन किया गया है। 13 वार्डों को 2011की जनगणना ब्लॉक के अनुसार विभाजित कर 40 वार्ड में विस्तार किया रहा है। यह कार्य फरवरी-मार्च तक चलेगी। जैसे ही वार्डों का परिसीमन होगा। जनगणना शुरू होगी। जैसे ही जनगणना सूची तैयार होगी। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, लेकिन भिलाई निगम का मामला 70 वार्डों का परिसीमन की वजह से अटक सकती है। अब तक नगरीय प्रशासन से 70 वार्डों का परिसीमन को लेकर आदेश जारी नहीं हुआ है। आदेश जारी होने में जितना विलंब होगा। उतना ही विलंब से जनगणना शुरू होगा। जनगणना सूची के बिना मतदाता सूची का कार्य प्रभावित होगा। ऐसे में सरकार दोनों निगम का दिंबसर में चुनाव कराने के बजाय अलग-अलग चुनाव करवा सकती है। या फिर प्रशासक के छह महीने के कार्यकाल को फिर एक्सटेंट कर सकता है। ऐसी स्थिति में ही भिलाई और रिसाली निगम का एक साथ ही चुनाव होगा, लेकिन सरकार दोनों निगम का एक साथ चुनाव कराने के मुड में नहीं दिख रही है। परिसंपत्तियों का बंटवारा और परिसीमन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरी कर क्षेत्र के विकास में तेजी लाना चाह रही है। इस विषय पर 29 जनवरी की समीक्षा बैठक में चर्चा भी हुई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की वीडियो कान्फ्रेसिंग में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई और नव गठित रिसाली निगम में प्रचलित सेवाओं का संपादन और क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए अनुभवी और दक्ष अधिकारी और कर्मचारियों का पदस्थ करने के आदेश दिए थे।

दिसंबर में होगा भिलाई निगम का चुनाव
भिलाई निगम के महापौर और पार्षदों के पांच साल कार्यकाल समाप्त होने के एक पहले चुनाव होना है। महापौर और पार्षदों के कार्यकाल को समाप्त होने में करीब 10 महीने बाकी है। भिलाई निगम का चुनाव दिसंबर 2015 में हुआ था। जनवरी में युवा महापौर देवेन्द्र यादव ने शपथ ली थी। इस लिहाज से नगर पालिक निगम के महापौर और परिषद का कार्यकाल का चुनाव दिसंबर 2020 में संभावित है।