
भिलाई. टू-जी स्पेक्ट्रम घोटाले की चर्चा आज पूरे देश में है। जो फैसला आया वो चौंकाने वाला है, लेकिन हमारी ट्विनसिटी में हुए घोटालों की सही जांच हो तो कई और घोटालों का खुलासा होगा। दुर्ग और भिलाई में घोटाले और गड़बडिय़ों के आधा दर्जन मामले हैं। हैरान कर देने वाली बात यह इन मामले की अब तक न जांच की कार्रवाई पूरी हुई और न किसी आरोपी को सजा हुई है।
जबकि घोटाले और गड़बडिय़ों के मामले को टू-जी स्पेक्ट्रम की तरह नगर पालिक निगम के सत्तापक्ष और विपक्ष ने जोर-शोर से उठाया पर मामले दब गए। विभागों से कई मामले की संबंधित फाइल गायब कर दी गई है। इसमें सबसे आश्चर्य जनक पहलु यह है कि फाइल गायब करने वालों के खिलाफ थाने में एफआईआर तक दर्ज नहीं कराई गई है।
जिन मामलों की फाइल है, लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज है, शिकायत पर जांच के लिए कमेटी बनाई गई है, लेकिन ऐसे भी किसी भी मामले को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है।
क्या था मामला
पूर्व महापौर व विधायक विद्यारतन भसीन के कार्यकाल में लाखों का बस स्टॉप घोटाला सामने आया था। पार्षदों ने अपने निधि से 1.50 लाख रुपए की लागत से बस स्टॉपेज बनवाने का निर्णय लिया था। लेकिन एजेंसी ने जो बस स्टॉप बनाया। उसकी क्वॉलिटी 1.50 लाख रुपए के हिसाब से नहीं थी।
जांच एजेंसी
पूर्व पार्षद श्वेता दिवाकर भारती ने सदन में सवाल उठाया था। तब पूर्व सभापति राजेन्द्र सिंह अरोरा ने जांच कमेटी बनाई थी, लेकिन पार्षदों की कमेटी को जांच के लिए पत्र ही नहीं दिया गया। जांच के लिए दस्तावेज नहीं दिए।
क्या था मामला- साडा कार्यकाल में करोड़ों रुपए का जमीन घोटाला हुआ है। निगम ने सीआरपीएफ की २३२ एकड़ जमीन को टुकड़े में काटकर नेहरू नगर कॉलोनी बसा दी है। कला संस्कृति, उद्यान और प्राइम लोकेशन की जमीन को साडा के पदाधिकारियों ने बंदरबाट की है। यह मामला अविभाजित मध्यप्रदेश में चर्चा का विषय रहा है।
जांच एजेंसी
मामले की लोकायुक्त से शिकायत की गई थी। पिछले १६ साल से मामले की जांच चल रही है। शिकायतकर्ता कई बार इस मामले में शासन को पत्र लिख चुके हंै, लेकिन चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है।
क्या था मामला
निगम दुर्ग में दो साल पहले मृत व्यक्ति के नाम पर पेंशन लेने का मामला सामने आया था। कई महीने तक निगम महिला एवं बाल विकास विभाग से मृत पेंशनधारियों के नाम से पेंशन जारी किया जाना पाया गया था। मामले का खुलासा होने के बाद विपक्ष ने सड़क से लेकर सदन तक सत्तापक्ष के खिलाफ हंगामा हुआ था।
जांच एजेंसी
दो कर्मचारियों को निलंबित किया। आगे की जांच के लिए आयुक्त सुंदरानी ने विभागीय कर्मचारियों की कमेटी बनाई। कमेटी विभाग से मामले की जांच के लिए दस्तावेज मांगते रहे, लेकिन कमेटी को दस्तावेज ही उपलब्ध नहीं कराए गए। दोनों कर्मचारी बहाल भी हो गए।
क्या था मामला
2014 में निगम के जल कार्य विभाग के अधिकारियों ने शिवनाथ नदी इंटकवेल के ४०० एचपी के टरबाइन पंप खरीदी और रिपेयरिंग पर 70 लाख रुपए के खर्च में 37 लाख रुपए का घोटाला किया था। निगम ने ज्योति कंपनी से पंप खरीदी के लिए टेंडर बुलाया था, लेकिन ठेकेदार से खरीदी की गई थी। कंपनी के रेट से अधिक में खरीदी कर दी थी।
जांच एजेंसी
निगम के पूर्व सभापति राजेन्द्र सिंह अरोरा ने मामले की शासन और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत की थी। शिकायत पर अपराध अन्वेषण ब्यूरो में जांच चल रही है। शिकायतकर्ता और निगम के अधिकारियों का बयान हो चुका है। चार्जशीट कोर्ट नहीं पहुंची है।
क्या था मामला
निगम दुर्ग में राजस्व घोटाला का मामला सामने आया था। पुलगांव की करीब ५ एकड़ कृषि जमीन पर कूट रचित दस्तावेज के आधार पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स थोक कपड़ा मार्केट निर्माण की अनुमति दिए जाने का खुलासा हुआ था। कृषि जमीन का डायवर्सन नहीं कराए जाने से शासन को करोड़ों का राजस्व नुकसान होने की बात सामने आई थी।
जांच
हंगामा होने के बाद निगम ने एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन जब सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच के लिए भवन अनुज्ञा विभाग से ओरिजनल दस्तावेज मांगे, तो निगम ने फाइल गुम जाने का बहाना कर हाथ खड़े कर दिए। अब तक पुलिस कई बार फाइल की मांग कर चुकी हैं, लेकिन उपलब्ध नहीं कराए हैं।
क्या था मामला
प्रियदर्शनी गृह निर्माण मर्यादित सहकारी समिति कुरुद में करोड़ों की जमीन का घोटाला हुआ है। ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित जमीन को प्लॉट बनाकर बेच दिए हैं। जांच प्रतिवेदन के मुताबिक 11 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ है।
जांच एजेंसी
शिकायत पर नगर पालिक निगम जांच कर चुकी है। जांच सही पाई गई है। खरीद फरोख्त करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए निगम के अधिकारियों के कई बार बयान दिया। लिखित में शिकायत की। तब कहीं जाकर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया हैपहुंचने की नौबत नहीं आई है।
Updated on:
24 Dec 2017 10:43 am
Published on:
24 Dec 2017 10:18 am
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