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अब कॉलेजों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाती-नातिन को भी तीन फीसदी सीट आरक्षण, बरसों बाद नियम में किया संशोधन

अभी तक सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र व पुत्री को ही यह सुविधा होती थी, यानी नियम में बरसों बाद संशोधन किए गए हैं। कैबिनेट की बैठक में इस अहम फैसले पर मुहर लगाई गई है।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Dec 27, 2021

अब कॉलेजों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाती-नातिन को भी तीन फीसदी सीट आरक्षण, बरसों बाद नियम में किया संशोधन

अब कॉलेजों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाती-नातिन को भी तीन फीसदी सीट आरक्षण, बरसों बाद नियम में किया संशोधन

भिलाई. देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार को अब उच्च शिक्षा संस्थानों में तीन फीसदी आरक्षण मिलेगा। अभी तक सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र व पुत्री को ही यह सुविधा होती थी, यानी नियम में बरसों बाद संशोधन किए गए हैं। कैबिनेट की बैठक में इस अहम फैसले पर मुहर लगाई गई है। जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में उच्च शिक्षा के अंतर्गत संचालित शैक्षणिक संस्थानों में 2019-20 के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के पुत्र-पुत्रियों, पौत्र-पौत्रियों और नाती-नातिन के लिए भी तीन प्रतिशत स्थान आरक्षित रहेंगे। पहले तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के दो पीढिय़ों के लिए आरक्षण का नियम था। तीन फीसदी में ही विकलांग विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया था, लेकिन अब दोनों को मिलाकर कॉलेजों में 8 फीसदी आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

जिले में कितने परिवारों को फायदा
दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का गढ़ माना जाता है। सरकारी आंकड़ों के तहत इस ब्लॉक में सौ से अधिक सेनानी हैं। कुछ ऐसे भी गांव है, जिनमें हर घर से एक सेनानी निकला। इसके बाद दुर्ग जिले में स्वतंत्रता के लिए जद्दोजहद में करने वाले सेनानी आगे आए। जिला मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक दुर्ग जिले में ही 376 पंजीकृत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दर्ज हैं।

विकलांग विद्यार्थियों के लिए राहत
नए नियम से नि:शक्त श्रेणी के आवेदक के लिए 5 प्रतिशत स्थान आरक्षित रहेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में आयुक्त उच्च शिक्षा संचालनालय को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह निर्णय बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। लंबे समय से पुराने नियम में संशोधन के लिए प्रयास किए जा रहे थे। जिसके बाद यह नया नियम लागू किया गया है।