
11 दिनों की जद्दोजहद के बाद सेक्टर-4 के हर घर के नलों में पहुंचा पानी
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के पीएचई विभाग के अधिकारियों व कर्मियों की टीम आखिर अपने मकसद में कामयाब हो गई है। 11 दिनों बाद सेक्टर-4 में रहने वाले हर घर तक पानी पहुंचाने की जद्दोजहद में टीम जुटी थी। फिल्टर हाउस से पानी आपूर्ति करने के लिए वे कई तरीके से काम कर रहे थे। पहले नीचे के घरों में रहने वालों तक पानी पहुंचने लगा। इसके बाद अधिकारियों ने सेक्टर-4 को दो हिस्सों में बांट दिया। इससे पानी ऊपर में रहने वालों के नलों में भी पहुंच गया। विश्वकर्मा पूजा के पहले इस काम को अंजाम तक पहुंचाने के बाद, विभाग की टीम ने राहत की सांस ली।
दो हिस्सों में किए सिस्टम को
पानी की आपूर्ति को सामान्य करने के लिए सेक्टर-4 के सिस्टम को दो हिस्सों में बांटा गया। पूर्व व पश्चिम की 1 से 18 और शेष को दो हिस्सों में बांट दिए। पहले 4.30 बजे से एक हिस्से में पानी की आपूर्ति की गई। इसके बाद दूसरे हिस्से में पानी दिया गया। इस तरह से दोनों ही क्षेत्र में पानी ऊपर और नीचे दोनों ही घरों में आसानी से पहुंचने लगा। यह योजना सफल हुई, तब बीएसपी, पीएचई के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
लोगों को होना होगा जागरूक
बीएसपी की टीम ने पानी आपूर्ति के लिए शाम को शुरू करने के बाद, कुछ घरों में दस्तक दिया। तब वहां देखा कि नलों में टोटी नहीं है। अगर है, तब भी लोग उसे बंद नहीं किए हैं। पानी फिजूल में बह रहा है। टैंकर से पानी भरने के बाद भी टाउनशिप के लोगों में, पानी को बचाने को लेकर जागरूकता देखने को नहीं मिल रही है।
नहीं पहुंच रहा था ऊपर घरों में पानी
सेक्टर-4 में 5 सितंबर 23 को सुबह 6.10 बजे दोनों पानी टंकी ढह गई। पानी टंकी ढह जाने के बाद, नगर निगम, भिलाई ने बीएसपी के सहयोग से टैंकर से पानी आपूर्ति करना शुरू किया। मलवा हटने के बाद पहले नीचे घरों तक पानी पहुंच गया। इसके बाद ऊपर के बीएसपी आवासों में रहने वालों को दिक्कत होने लगी। निगम लोगों को टैंकर से पानी पहुंचा रहा था। पीएचई की टीम मौके पर पाइप को चिंहित कर रही थी।
18-18 घंटे किए काम
ऊपर के घरों में नहीं पहुंच रहा था। इससे बीएसपी के अधिकारी परेशान थे। वे मौके पर कर्मियों के साथ 18-18 घंटे काम कर रहे थे। शाम को पानी इस क्षेत्र में 5 घंटे तक छोड़कर देखा गया। इसके बाद भी ऊपर रहने वालों की दिक्कत दूर नहीं हो रही थी। तब वे एक योजना तैयार किए। इस पर अमल करने के लिए दफ्तर में बैठे अफसरों से चर्चा किए। वहां से ग्रीन सिंग्नल मिला, तब योजना पर अमलीजामा पहनाएं।
टंकी का चोरी हो गया था तडि़त चालक
टंकी के करीब में रहने वाले मनोज ने घटना के बाद बीएसपी की पीएचई टीम को बताया कि रात में बिजली गिरी। बीएसपी के पीएचई अधिकारी इस दिशा में भी जांच कर रहे हैं, कि बिजली गिरने से नए टंकी का कोई एक कॉलम डैमेज हो गया और पानी भरने के बाद वह गिरी, साथ में पड़ोस की पुरानी टंकी को भी ढहा दी।
Published on:
17 Sept 2023 10:28 pm
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