17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अंग्रेजों के जमाने का सेलूद स्कूल आज मना रहा शताब्दी वर्ष, जानिए कैसे गुलाम भारत में जगाई शिक्षा की अलख

पाटन ब्लॉक की सेलूद शासकीय शाला अपने सौ साल पूरे कर लिए। आज से ठीक सौ साल पहले 1 जुलाई 1919 को स्कूल (school) की स्थापना की गई थी। इस स्कूल की शुरुआत ने क्षेत्र में स्वतंत्रता संग्राम की लौ जगाई। (Bhilai news)

2 min read
Google source verification

भिलाई

image

Dakshi Sahu

Jul 01, 2019

selud school

selud school

भिलाई. दुर्ग जिले में शिक्षा (Education) का इतिहास हमेशा से ही रोचक रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को पाटन ब्लॉक की सेलूद शासकीय शाला (school) अपने सौ साल पूरे कर लिए। अंग्रेजी शासनकाल में जब लोगों पर सितम ढहाए जा रहे थे, तभी इस स्कूल की शुरुआत ने क्षेत्र में स्वतंत्रता संग्राम (Freedom Struggle) की लौ जगाई। (Bhilai news)

आज से ठीक सौ साल पहले 1 जुलाई 1919 को स्कूल की स्थापना की गई थी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों (fredom fighter) के गांव सेलूद (Selud school) की यह शाला उस समय खपरैल की छत के नीचे चलती थी, अब स्मार्ट डिजिटल एजुकेशन के नाम से जानी जाती है। 2015 में स्कूल का ब्रिटिशकालीन ढांचा गिराकर यहां नए भवन का निर्माण हुआ है। हालांकि यहां एक भवन अभी शेष है, जिसे 1958 का कहा जाता है।

Read more: CG के दिव्यांग National खिलाड़ी अंजान शहर में फंसे बड़ी मुसीबत में, पत्रिका की पहल पर ITBP ने बढ़ाया मदद का हाथ....

कुछ इस तरह का है इतिहास
सेलूद शाला के प्रधान पाठक मिलिंद्र चंद्रा ने बताया कि उस समय लड़के ही स्कूल में प्रवेश लिया करते थे, लड़कियों की संख्या बेहद कम हुआ करती थी। धीरे धीरे लोगों की सोच में बदलाव आया और लड़कियों की कम संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया। इस बात पर उसी कैंपस में लड़कियों के लिए अलग से कन्या प्राइमरी स्कूल भी शुरू किया गया। (Bhilai news)

School " src="https://new-img.patrika.com/upload/2019/07/01/949f_1_4778137-m.jpg">

सबसे स्वच्छ शाला का अवॉर्ड दो बार मिला
पाटन ब्लॉक का यह इकलौता प्राइमरी स्कूल है, जिसको दो बार सबसे स्वच्छ शाला का अवॉर्ड दिया गया है। साल 2016 व 17 में प्रधानमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार में 95 फीसद अंकों के साथ स्कूल को फाइव स्टार रेटिंग से नवाजा गया। इसके साथ ही स्कूल को नवोदय क्रांति स्मार्ट स्कूल 2018 का पुरस्कार भी हासिल है।

सबको लुभाती है सेलूद शिक्षा एक्सप्रेस
सेलूद शाला को इस तरह से तैयार किया गया है, यह किसी निजी स्कूल से कम नहीं। स्कूल के मुख्य गेट पर पहुंचने के साथ ही आप खुशी से झूम उठेंगे। दीवारों पर ट्रेन का चित्रण ऐसा है, मानों प्लेटफार्म पर ट्रेन खड़ी है और यात्री इंतजार में हैं। यह सब स्कूल प्रशासन की सेलूद शिक्षा एक्सप्रेस योजना का हिस्सा है, जिसने बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखा है। (Bhilai news)

Chhattisgarh Bhilai से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter और Instagram पर ..

ताज़ातरीन ख़बरों, LIVE अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.