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इस्पात मंत्री का एनजेसीएस की तारीफ करना, विरोध करने वालों के मुंह पर तमाचा

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन समझौता को लेकर मंत्री का रुख बेहद सकारात्मक है. दिल्ली से लौटकर इंटक नेता ने कहा.

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भिलाई

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Abdul Salam

Sep 06, 2019

इस्पात मंत्री का एनजेसीएस की तारीफ करना, विरोध करने वालों के मुंह पर तमाचा

इस्पात मंत्री का एनजेसीएस की तारीफ करना, विरोध करने वालों के मुंह पर तमाचा

भिलाई. केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील (एनजेसीएस) कमेटी की सराहना करना सेल के उन गैर जिम्मेदार नेताओं के मुंह पर तमाचा लगने जैसा है, जो एनजेसीएस को भंग करने की मांग कर रहे हैं। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) कर्मियों के वेतन समझौता को लेकर मंत्री का रुख बेहद सकारात्मक है। उन्होंने कर्मचारियों व अधिकारियों दोनों के जल्द वेतन समझौते की बात कही है। दिल्ली से लौटने के बाद यह बात इंटक के महासचिव एसके बघेल ने कार्यकारिणी की बैठक में कही।

वहां भी मंत्री बनाना चाहते हैं इस तरह की कमेटी
उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं मंत्री एनजेसीएस कमेटी के काम करने के तरीके से इतना प्रभावित हैं, कि वे पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत आने वाले सार्वजनिक उपक्रमों में भी इस तरह की कमेटी बनाने की बात कह रहे हैं। यह एनजेसीएस यूनियन के लिए बहुत फक्र की बात है।

इंटक ने एनजेसीएस सदस्य के बयान को किया खारिज
बघेल ने एनजेसीएस यूनियन के एक नेता के बयान को खारिज करते हुए कहा कि मंत्री ने अफोर्डेबिलिटी क्लॉज की वजह से अधिकारियों के वेतन समझौता नहीं होने की बात नहीं कही। उन्होंने अधिकारी व कर्मचारी दोनों के वेज रिवीजन के संकेत दिए हैं। वहां जो सदस्य नहीं थे, वे इस तरह से बयान दे रहे हैं।

घर तक शव लाने सिर्फ रेल के पार्सल जितना किराया न दे प्रबंधन
बैठक में इंटक के पदाधिकारियों ने बीएसपी से अन्य हॉस्पिटल में बेहतर इलाज के लिए रेफर किए गए कर्मचारियों व परिजनों की मौत हो जाने पर सड़क मार्ग से गृह ग्राम तक शव को लाने का पूरा खर्च प्रबंधन से दिलाने मांग की। प्रबंधन रेल के पार्सल किराया के हिसाब से महज 700 रुपए देता है। यह पूरी तरह से अन्याय है। इस तरह की स्थिति में प्रबंधन जल्द से जल्द सड़क मार्ग से भी शव को गृह ग्राम तक ले जाने का पूरा खर्च मुहैया कराए।

प्रबंधन से की जाएगी चर्चा
महासचिव ने कहा कि प्रबंधन का यह फैसला अव्यावहारिक है। संयंत्र कर्मी के दुख की घड़ी में और अधिक पीड़ा देने वाला कदम है। सेल प्रबंधन के सामने इस विषय को रखा जाएगा। शव लेकर जाने प्रबंधन पूरा खर्च दे। बैठक में पीजूष कर, आरसी अग्रवाल, पूरन वर्मा, एनएस बंछोर, रमेश तिवारी, राजेंद्र पिल्ले, शोभा भल्ला, चंद्रशेखर सिंह, पीवी राव, संजय साहू, वंश बहादुर सिंह, एके विश्वास, एके रंगारी, रविंद्र नाथ, सच्चिदानंद पांडे, तुरिंदर सिंह, अनिमेष पसीने, वीके मजूमदार, शेखर शर्मा, राज शेखर, विपिन बिहारी मिश्रा, मदनलाल सिंहा, सीपी वर्मा, बाल सिंह, खुर्शीद कुरैशी, धनेश प्रसाद, अरविंद प्रताप सिंह, रेशम राठौर, मानिक राम, आरके यादव, गिरिराज देशमुख, मृगेंद्र कुमार, शंकर, ओपी सिंह, दीनानाथ सिंह, सार्वा मौजूद थे।