
मानसिक विकलांग स्कूल 'मुस्कान' से प्रेरित थी अनुराग बसु की हिट फिल्म 'बर्फी' की कहानी
भिलाई. जिस शहर में हम अच्छी शिक्षा लेकर पढ़े और आगे बढ़े और उसी शहर के स्टील प्लांट में अच्छी नौकरी के साथ कुछ व्यापार में बुलंदी छूने लगे तो कुछ अलग करने की सोची। बस यहीं से उन्हें कुछ ऐसा करने प्रेरणा मिली और उनके अंदर का यह सवाल मुस्कान मानसिक विकलांग स्कूल के रूप में सामने आया। मशहूर फिल्म निर्देशक अनुराग बसु (Anurag Basu) की हिट फिल्म और ऑस्कर की दौड़ में शामिल होने 'बर्फी' (Barfi Movie) की कहानी भी इसी स्कूल से प्रेरित थी।
स्कूल की स्थापना करने वाले सात दोस्तों में अधिकांश की पढ़ाई सेक्टर 2 के भिलाई विद्यालय में हुई है तो कुछ बचपन के दोस्त हैं। इसलिए इन सब ने एक साथ मिलकर कुछ बेहतर करने का सोचा। 2002 में त्रिविधा विकास समिति की स्थापना की और मुस्कान स्कूल शुरू किया। भिलाई में 19 साल से संचालित यह दिव्यांग स्कूल सात दोस्तों की देखरेख में चल रहा है। पहले नौकरी के दौरान कम समय दे पाते थे, लेकिन अब रिटायरमेंट के बाद पूरा समय स्कूल के लिए होता है। फिलहाल इस स्कूल में 70 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन्हें आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है। जीवन जीने की कला सिखाने के साथ इनके हुनर को निखारा जाता है।
बीएसपी ने दिया सहयोग तो मिली ताकत
इन सात दोस्तों ने सेक्टर 2 की सड़क 24 में महज तीन कमरों में मात्र तीन बच्चों के साथ इस स्कूल की शुरुआत की थी, लेकिन भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रबंधन को पता चला कि उनके कुछ अधिकारी मिलकर कुछ अनोखी सेवा कर रहे हैं तो प्रबंधन ने अपने बंद स्कूल की एक बिल्डिंग इन्हें दे दी। जब बच्चों की संख्या बढ़ी तो प्लांट की ओर से एक बस भी स्कूल को दान में मिल गई।
नई सोच के साथ बर्थडे
समिति के अजय कांत भट्ट ने बताया कि इन स्पेशल बच्चों का जन्मदिन अक्सर पैरेंट्स नहीं मनाते थे। वे उन्हें घरों में छुपाकर रखते थे। पर स्कूल समिति ने बच्चों के जन्मदिन मनाने की परंपरा शुरू की। जब यह बात बीएसपी के रेल मिल को पता चली तो वहां के अधिकारियों ने इन बच्चों के जन्मदिन को मनाने की जिम्मेदारी ली।
स्कूल में अनुराग बसु ने काफी समय बिताया
बर्फी फिल्म में अभिनेत्री प्रिंयका चोपड़ा को मुस्कान नाम भी इसी स्कूल की वजह से दिया। 2011 में जब अनुराग अपने पिता के निधन के बाद उनकी अस्थियां प्रवाहित करने छत्तीसगढ़ आए थे तब वे मुस्कान स्कूल पहली बार आए और वहां बच्चों के साथ काफी समय बिताया। इसी एक साल के अंदर उन्होंने बर्फी की कहानी लिखी। फिल्म के हिट होने के बाद अनुराग जब भी भिलाई आते हैं इस स्कूल में आना नहीं भूलते।
ये हैं 7 दोस्त जिनकी सोच से निखरी मुस्कान
अजयकांत भट्ट- रिटायर्ड डिप्टी मैनेजर, बीएसपी
अशोक गुप्ता- रिटायर्ड मैनेजर, बीएसपी
सुधीर जोशी- बिजनेसमैन
यशवंत देशमुख- रिटायर्ड मैनेजर, एनएसपीसीएल
सनत कुमार जैन, डीजीएम, बीएसपी
राकेश शर्मा, रिटायर्ड लेक्चरर, बीएसपी स्कूल
अनिल बंसल- बिजसेसमैन
Published on:
27 Dec 2021 05:33 pm
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