
छत्तीसगढ़ में कोरोना का नया हॉटस्पॉट सूरजपुर, 24 घंटे में 10 नए संक्रमित केस, इधर कोटा से लौटे सरगुजा के 456 स्टूडेंट्स की रिपोर्ट निगेटिव
दुर्ग. सरगुजा संभाग का सूरजपुर जिला प्रदेश में कोरोना (Coronavirus in chhattisgarh) का नया हॉटस्पॉट (Covid 19 hot spot in chhattisgarh)बन गया है। यहां बीते 24 घंटे में 10 लोगों में संक्रमण पाया गया। इनमें से नौ लोगों में वायरस की पुष्टि रैपिड डायग्नोस्टिक (आरडी) किट से जांच हुई है। इनमें एक पुलिस जवान भी शामिल है। जिसकी ड्यूटी इस आश्रित शिविर में थी। नौ लोगों से पहले सूरजपुर की इसी संक्रमित शिविर में रहने वाले मजदूर की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। एम्स रायपुर ने कोरोना पॉजिटिव केस की पुष्टि की थी। आरटी-पीसीआर जांच में जिस मजदूर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी वह गढ़वा झारखंड का रहने वाला है, जो मजदूरी के लिए महाराष्ट्र होते हुए छत्तीसगढ़ आया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम इसे ही कोरोना सोर्स मान रही है। उप संचालक एवं प्रवक्ता स्वास्थ्य विभाग डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि जब तक आरटी पीसीआर टेस्ट नहीं हो जाता तब तक यह नहीं कहा जा सकता कि वे व्यक्ति अभी भी संक्रमित हैं। हां उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई है। सभी को आइसालेट किया गया है। इधर दुर्ग जिले में राजस्थान के कोटा से लौटे सरगुजा और सूरजपुर जिले के स्टूडेंट्स की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जिला प्रशासन से राहत की सांस ली है।
कोटा (राजस्थान) में पढऩे वाले अंबिकापुर,सूरजपुर और बलरामपुर के 473 विद्यार्थियों के दुर्ग पहुंचने पर मंगलवार को कोरोना जांच की गई। रात 8 बजे तक इनमें से 464 विद्यार्थियों की जांच रिपोर्ट मिल गई थी। राहत की खबर है कि रैपिड किट से की गई जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी छात्र-छात्राओं के एहतियातन क्वाररंटाइन किया गया। कोटा से सभी विद्यार्थी मंगलवार को दोपहर 12 बजे दुर्ग पहुंचे। फिर रात 8 बजे तक विज्ञान विकास केन्द्र और रुगंटा इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में शिविर लगाकर 464 बच्चों की जांच की गई।
पंडाल लगाकर किया गया स्वास्थ्य परीक्षण
कोटा से इन विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए भेजे गए बस को सुबह 6 बजे दुर्ग पहुंचने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन निर्धारित समय पर बस कबीरधाम की सीमा में पहुंची। इसके बाद दोपहर 12 बजे बस दुर्ग पहुंची। जहां से छात्रों को रुंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचाया गया। वहीं 250 छात्राओं को सिविल लाइन स्थित विज्ञान विकास केन्द्र पहुंचाया गया। जहां पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए परिसर में पंडाल लगाया गया था। इसी पंडाल के नीचे स्वास्थ्य विभाग की 12-12 टीम में शामिल 75 कर्मचारियों ने जांच की। शिविर व परीक्षण का जायजा लेने कलेक्टर अंकित आंनद, सीएचएमओ गंभीर सिंह ठाकुर व अन्य अधिकारी भी पहुंचे।
दो बस में 40 बच्चों के और आने की सूचना
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कोटा से 2 बस और दुर्गपहुंचने वाली है। जिसमें लगभग 40 विद्यार्थी हैं। इस बस को रात 10 बजे के बाद पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बस के आने तक जांच टीम वहीं रुकेगी। टीम में शामिल सदस्य सुबह 7 बजे शिविर स्थल पर पहुंच गए थे।
लाने के लिए कोटा गए टीम के सदस्य भी क्वारंटाइन
कोटा लाने गई टीम के अधिकारी-कर्मचारियों को भी अलग-अलग जगहों में क्वारंटाइन किया गया है। अधिकारियों व कर्मचारियों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। सभी केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाई गई है। विज्ञान विकास केंद्र में छात्राओं को क्वारंटाइन किया गया है। यहां मनोरंजन के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई है। टेलीविजन के अलावा कैरम, चेस, लूडो जैसे इंडोर गेम हैं ताकि छात्राएं क्वारांटाइन की अवधि में बोरियत न महसूस करें। सभी को पैकेट बंद भोजन व नाश्ता दिया जाएगा।
दिखाया छात्रों ने विक्ट्री साइन
सुबह केंद्र में तैयारियां पूरी कर ली गई थी। इसके लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और निगम के अधिकारी मौजूद थे। एनाउंसिंग सिस्टम की व्यवस्था थी। गेट पर मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद सभी को रजिस्ट्रेशन के मुताबिक कमरों में ठहराया गया। दोपहर जब करीब साढ़े 12 बजे बसें जब संजय रूगंटा कॉलेज और विज्ञान विकास केन्द्र पहुंची और जब बस से युवा उतरे तो अपने प्रदेश में पहुंचने का सुकून उनके चेहरे पर नजर आ रहा था। घर तो नहीं पर घर के नजदीक पहुंचकर वे खुश हैं। बस से उतरते ही उन्होंने उन्होंने विक्ट्री साइन बनाकर अपनी खुशी का इजहार किया। लॉकडाउन लगने के बाद वे काफी परेशान थे,क्यंोंकि जहां वे रह रहते थे, उसके आसपास के एरिया में कोरोना पॉजिटव केस मिलने शुरू हो चुके थे। लेकिन अब अपने प्रदेश आ गए हैं तो बहुत सुकून महसूस कर रहे हैं।
पैरेंट्स ने ली राहत की सांस
दुर्ग जिले में सरगुजा जिले और सूरजपुर जिले के लड़कों को संजय रूंगटा कालेज में और लड़कियों को विज्ञान विकास केंद्र में ठहराया गया है। मेडिकल चेकअप और रैपिड टेस्ट के बाद अपने-अपने रूम में पहुंचे युवाओं ने सबसे पहले अपने मोबाइल को चार्ज किया और पैरेंट्स के साथ वीडियो कॉल पर बात कर अपने पहुंचने की खबर दी। इधर युवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन्हें रूम में ही नाश्ते और लंच पैकेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही उनके मनोरंजन की भी पूरी सुविधा केंद्र में रखी गई है। टेलीविजन के अलावा कैरम, चेस, लूडो जैसे इंडोर गेम हैं ताकि बच्चें क्वारेंटाइन की अवधि में बोरियत न महसूस करें।
Published on:
29 Apr 2020 12:20 pm
