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बीएसपी में यहां काम करना क्यों है खतरनाक.. ?

बीएसपी को श्रमिक संगठन हमेशा सेफ्टी को लेकर घेरते रहते हैं, बावजूद इसके प्रबंधन चूक कर जाता है. फिर बचाव की मुद्रा में आ जाता है.

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भिलाई

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Abdul Salam

Jul 08, 2018

BHILAI

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भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट-3 में कई स्थान असुरक्षित हैं। यहां कर्मचारी जान-जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। एसपी-3 का जायजा लेने पहुंची सीटू की सुरक्षा उप समिति ने इस तरह के स्थानों को चिंहित भी किया है। कमेटी विभाग में मौजूद दिक्कतों को प्रबंधन के सामने पेश करेगी।

सुरक्षा उप समिति ने एसपी-3 की विभागीय समिति के साथ असुरक्षित क्षेत्रों का दौरा किया और क्षेत्र के विभिन्न खतरों को चिन्हित कर सूची तैयार की। सेफ्टी कमेटी ने बताया कि यहां जिस तरह के खतरे मौजूद हैं, उसका परिणाम बड़ा नुकसान देने वाला है।

उच्च प्रबंधन के सामने किया जाएगा प्रतुतिकरण
खतरों की गंभीरता को देखते हुए सीटू की कमेटी ने तय किया कि एसपी-3 के संबंध में प्रस्तुतिकरण तैयार कर उच्च प्रबंधन को खतरों की गंभीरता के संबंध में जानकारी दी जाएगी। कार्य स्थल को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष पहल की जाएगी।

गायब है जाली और रेलिंग, झांककर करवा रहे हैं चेक
जायजा लेने निकली टीम ने एसपी-3 के मशीन -2 में देखा कि एमर्जेन्सी स्टोरेज में रेलिंग व ग्रेटिंग (जाली) नहीं लगा है। वहीं शेष तीनों शिफ्ट में बंकर को उसमें झांक कर चेक करवाया जाता है। चेक करने के दौरान थोड़ी भी असावधानी या सिंटर में पांव फिसलने से सीधे 60 फिट नीचे गिरने का भय रहता है। एस-112 से एस -116 तक कंवेयर गैलरी करीब 6 इंच मोटी धूल की परत से अटी पड़ी है, जिसमें चलना मुश्किल है। एस -116 का प्लेटफार्म पूरी तरह सड़ चुका है। एस -114 ड्राइव के पास जंक्शन हाउस में जाने वाली सीढ़ी पूरी तरह सड़ चुकी है, जिसके कारण कोई भी एमर्जेन्सी आने पर वहां से उतरना या चढऩा संभव नहीं है।

कहीं साजिश तो नहीं
इस मुद्दे को लेकर पिछले दो सालों से सीटू की विभागीय समिति समय-समय पर सुरक्षा अधिकारी को जानकारी दे रही है। करीब सभी जंक्शन हाउस और कंवेयर गैलरी के नीचे रॉ-मटेरिअल और सिंटर भरा पड़ा है, जिससे स्ट्रक्चर जंग लगकर सड़ है। वेटिंलेशन सिस्टम काम नहीं कर रहा है। कर्मियों को धूल भरे वातवरण में कार्य करना पड़ रहा है। इसके पहले कंवेयर गैलरी 112 ढह कर गिर चुका है, जिसके कारण माह भर से ज्यादा उत्पादन ठप हुआ था। सुरक्षा उप समिति के साथ बातचीत के दौरान कर्मियों ने आशंका व्यक्त की, कि जानबूझ कर अनुरक्षण कार्यों की अनदेखी कर उपकरणों को जर्जर होकर ढहने देना कहीं किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं है।

सेफ्टी अफसरों की उदासीनता से कर्मियों में रोष
एसपी -3 में जिनको प्रबंधन ने सुरक्षा अधिकारी बनाया है, उनकी सुरक्षा के प्रति उदासीनता से कर्मियों में रोष है। वे जब से सुरक्षा अधिकारी बनें हैं, सुरक्षा को लेकर कर्मियों के साथ एक भी बैठक नहीं किए हैं और कर्मचारी जब सुरक्षा से संबंधित विषय उठाते हैं, तो उसे वे टाल देते हैं।

यह थे मौजूद

सेफ्टी कमेटी में एसपी डे, अली अकबर, सविता कुमारी, कुंज बिहारी मिश्र, नितिन कश्यप, व्हीएस साहू, रविशंकर साहू, विभागीय समिति से मीर अकबर अली, संतोष महतो, वाईके चंद्राकार, अभिषेक साहनी, राजकुमार, राजीव लोचन बेनर्जी, नरसप्पा, जीआर हाके, संजय चौधरी, एमके नेताम मौजूद थे।

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