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14.60 लाख की लूट निकली फर्जी, ATM फ्रेंचाइजी ने खुद रची लूट की कहानी, वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

Crime News: कुम्हारी थाना क्षेत्र में दर्ज 14 लाख 60 हजार रुपए लूट की सनसनीखेज रिपोर्ट पुलिस जांच में झूठी निकली। चरोदा निवासी आशीष राठौर द्वारा दर्ज कराई गई लूट की कहानी उसी ने रची थी।

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लूट की रिपोर्ट निकली झूठी (फोटो सोर्स- पत्रिका)

लूट की रिपोर्ट निकली झूठी (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Crime News: कुम्हारी थाना क्षेत्र में दर्ज 14 लाख 60 हजार रुपए लूट की सनसनीखेज रिपोर्ट पुलिस जांच में झूठी निकली। चरोदा निवासी आशीष राठौर द्वारा दर्ज कराई गई लूट की कहानी उसी ने रची थी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस प्रकरण ने हिताची कंपनी प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को भी उजागर किया है, जहां बिना सुरक्षा व्यवस्था के एक ही व्यक्ति पर लाखों रुपए एटीएम में ट्रांसफर करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि 6 दिसंबर को आशीष राठौर ने कुम्हारी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह हिताची कंपनी के लिए एटीएम कैश लोडिंग का फ्रेंचाइजी चलाता है। तेन्दुआ से मुरमुंदा दादर मार्ग में कपसदा के पास तीन व्यक्तियों ने चाकू दिखाकर उसके बैग से 14 लाख 60 हजार रुपए लूट लिए। कुम्हारी पुलिस ने धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी आशीष ने विभिन्न एटीएम में राशि लोड करने के बाद अपने तीन सेल्फ फंडिंग एटीएम में 14.60 लाख रुपए अतिरिक्त जमा कर दिए, और उसी रकम को लूट दिखाते हुए झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।

हिताची प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

एएसपी ने कहा कि इस घटना ने कंपनी प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को भी सामने ला दिया है। बिना किसी सुरक्षा एस्कॉर्ट या सुरक्षित कैश वैन के एक व्यक्ति से 14 लाख रुपए जैसे बड़े कैश ट्रांसफर करवाना सुरक्षा प्रोटोकॉल की भारी कमी दर्शाता है। इतना ही नहीं एक व्यक्ति बड़ी रकम को बाइक से ले जा रहा था। यह लापरवाही न सिर्फ जोखिमपूर्ण है, बल्कि इसी तरह की घटनाओं को न्योता भी देती है।

कर्ज, कमाई में कमी और इंश्योरेंस क्लेम के लिए रची साजिश

पुलिस की पूछताछ में आशीष ने बताया कि वह हिताची कंपनी के 12 एटीएम का संचालन करता है। पहले 4 एटीएम सेल्फ फंडिंग मॉडल पर थे। बाद में 8 और फंडिंग एटीएम मिलने के कारण कैश की कमी होने लगी। एटीएम में कैश न रहने से ट्रांजेक्शन घटे, जिससे उसकी कमाई (कमीशन) भी कम होती गई। घर और कार की ऋण सहित अन्य आर्थिक बोझ बढ़ता गया। उसे पता चला कि कैश चोरी की रिपोर्ट पर इंश्योरेंस क्लेम आसानी से मिल जाता है। इसी लालच में उसने लूट की फर्जी कहानी रची।

मामले में प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही

लूट की वारदात की सूचना मिलते ही, टीम को एक्टिव किया। मौके पर जाकर घटना स्थल का निरीक्षण करने पर मामला संदेहास्पद लगा। पूछताछ में कैश ट्रांसफर करने वाला ही आरोपी निकला। मामले में प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। सप्ताह भर पहले बैंक एटीएम संचालकों की बैठक में सुरक्षा को लेकर हिदायत दी गई थी। हिताची कंपनी से सुरक्षा को लेकर पत्राचार किया जाएगा। - विजय अग्रवाल, एसएसपी दुर्ग

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