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स्कूल व कॉलेज स्टाफ में कोई दागदार तो नहीं पता लगाएगी पुलिस संचालकों को देना होगा अपने हर स्टाफ का बायोडाटा

शहर के स्कूलों और कॉलेजों में अनाचार की घटनाओं को देखते हुए पुलिस अब प्राध्यापक व शिक्षकों से लेकर पूरे स्टाफ का वेरिफिकेशन करेगी।

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स्कूल व कॉलेज स्टाफ में कोई दागदार तो नहीं पता लगाएगी पुलिस संचालकों को देना होगा अपने हर स्टाफ का बायोडाटा

भिलाई. शहर के स्कूलों और कॉलेजों में अनाचार की घटनाओं को देखते हुए पुलिस अब प्राध्यापक व शिक्षकों से लेकर पूरे स्टाफ का वेरिफिकेशन करेगी। इसके जरिए स्टाफ का चरित्र, व्यवहार व अपराधिक प्रवृत्तियों के बारे में पता लगाया जाएगा। पुलिस स्वयं फॉर्म लेकर संस्थानों में जाएगी। संचालकों को अपने स्टाफ का पूरा व्योरा तय फॉर्मेट में देना होगा। पूरा परिचय और फोटो लेने के बाद पुलिस एक-एक स्टाफ का अपने स्तर पर भौतिक सत्ययापन करेगी।

पुलिस अधीक्षक प्रखर पांडेय ने कहा है कि कॉलेज व स्कूलों में काम करने वाले टीचर्स से लेकर कर्मचारी तक की पूरी जानकारी पुलिस को देनी होगी। एएसपी रोहित कुमार झा ने बताया कि स्कूलों में शिक्षा की शुचिता बनाए रखने अन्य सरकारी सेवाओं की ही तरह सभी निजी शैक्षणिक संस्थानों में कार्य करने वाले पूरे स्टाफ का वेरिफिकेशन कराया जाएगा। संचालकों को तीन दिन के अंदर पूरा बायोडाटा पुलिस को उपलब्ध कराना होगा।

रिकॉर्ड खराब तो जाएगी नौकरी

पुलिस यह पता लगाएगी कि किसी के खिलाफ कोई अपराधिक प्रकरण तो दर्ज नहीं है। यदि किसी के चरित्र में दाग या रिकॉर्ड खराब मिलातो उसकी जानकारी स्कूल प्रबंधन को दी जाएगी। ऐसे स्टाफ को तत्काल निकाल बाहर करवाया जाएगा।

पहली बार डाटाबेस तैयार कर रही पुलिस
टीचर से लेकर गार्ड, स्वीपर, चपरासी, ड्राइवर, कंडक्टर तक का पुलिस वेरिफि केशन होगा। इसमें उसका मूल निवास और पहले कहीं काम किया था तो उसका वहां पर कैसा व्यवहार रहा, यह जानकारी पुलिस जुटाएगी। स्कूल बिल्डिंग की बनावट और उसका मानक, परिसर, क्लास रूम आदि में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था है या नहीं, यह भी पुलिस देखेगी।

ऐसे होगा फार्म का प्रारूप

नाम, घर का पता और पासपोर्ट साइज का फोटो देना होगा। प्रारूप में पहले कहीं काम किया था तो उसका भी उल्लेख करना होगा। यदि कहीं बाहर से आकर काम कर रहा है तो यहां पर किसके रेफरेंस पर है, बताना होगा। साथ ही अपना और घर का टेलीफोन नंबर भी देना होगा।

इसलिए जरूरी है चरित्र का सत्यापन
दो साल पहले एमजीएम स्कूल में प्राइमरी कक्षा की एक बच्ची के साथ स्कूल के स्टॉफ ने ही गंदा काम किया था। उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर पुलिस ने जेल भेज दिया। इसी तरह माइल स्टोन स्कूल में स्टाफ के द्वारा नर्सरी कक्षा की बच्ची के साथ छेड़छाड का मामला प्रकाश में आया था। डीपीएस स्कूल की छात्रा ने अपने शिक्षक के खिलाफ छेड़छानी का आरोप लगाया था। केंद्रीय विद्यालय चरोदा में भी ऐसे ही अनैतिक कृत्य क सामने आया था।

अब इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसलिए पुलिस पहले से अलर्ट हो गई है। एसपी प्रखर पांडेय ने बताया कि स्कूल कॉलेज में काम करने वाले पूरे स्टॉफ का वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। पुलिस संस्थान में पहुंचेगी और नि:शुल्क फार्म देगी। संचालकों को तय फॉर्मेट में अपने स्टाफ की पूरी जानकारी देनी होगी। इससे यह फायदा होगा कि पुलिस और स्कूल प्रबंधन के पास एक डाटा होगा।

इतने संस्थानों में

सरकारी स्कूल- १७३
निजी स्कूल - ५४०

सरकारी कॉलेज - १३
निजी कॉलेज - ६२

दो मेडिकल कॉलेज- २
बीएड कॉलेज - ३४

इंजीनियरिंग कॉलेज - १३
पॉलीटेक्रीक -५

इंजीनियरिंग कॉलेज - १३
आईटीआई - ०४