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आर्थिक रूप से कमजोर व दिव्यांग छात्राओं तक संस्था मुहैया करवा रही मुफ्त में पैड

बच्चों को बना रहे आत्म निर्भर,

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भिलाई

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Abdul Salam

Feb 23, 2023

आर्थिक रूप से कमजोर व दिव्यांग छात्राओं तक संस्था मुहैया करवा रही मुफ्त में पैड

आर्थिक रूप से कमजोर व दिव्यांग छात्राओं तक संस्था मुहैया करवा रही मुफ्त में पैड

भिलाई. आर्थिक तौर पर कमजोर छात्राएं, दिव्यांग छात्राएं व अनाथ आश्रम में रहने वाली महिलाओं के स्वास्थ को लेकर जगत जननी स्व सहायता समूह की महिलाएं बेहतर काम कर रही हैं। संस्था की अध्यक्ष अनामिका सिंग सार्वा ने बताया कि महिलाएं पैड की जगह कपड़े का इस्तेमाल करती हैं। इससे इंफेक्शन हो जाता है। छात्राओं व जरूरतमंदों को इससे बचाने के लिए मुफ्त में पैड वितरण करने का काम किया जा रहा है।

तीन स्कूलों, एक अनाथ आश्रम व स्लम एरिया में कर रहे काम
उन्होंने बताया कि संस्था में 14 सदस्य हैं। 2022 से संस्था की सदस्य इस काम में जुटी है। इस दौरान दिव्यांग 3 स्कूल, एक अनाथ आश्रम व स्लम एरिया में हर माह पहुंच रहे हैं। शिकायत मिल रही थी कि पैड नहीं खरीद पाने की स्थिति में कपड़े का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे यूट्रस, हेवी ब्लीडिंग और इंफेक्शन की दिक्कत हो रही थी। संस्था ने तय किया कि छात्राओं को सबसे पहले सुरक्षित किया जाए। इस वजह से हर माह उन तक पैड पहुंचाया जा रहा है।

गरीबों की करते हैं मदद
इसके अलावा साल में संस्था वृद्धाश्रम, बाल आश्रम में भोजन कराने के साथ-साथ आवश्यक सामग्री वितरण करती है। शहर के किसी क्षेत्र मे आगजनी हो जाने पर पीडि़त, प्रभावितों को कपड़ा, राशन दिया जाता है। पहले पावर हाउस और अब हॉस्पिटल सेक्टर में मदद करने महिलाओं का समूह पहुंचा था।

यह है उद्देश्य
संस्था की अध्यक्ष ने बताया कि संस्था का उद्देश्य यह है कि सेनेटरी पैड का निर्माण कर उन तक मुफ्त में पहुंचाया जा सके। खास कर उन लोगों तक जो आर्थिक हालात की वजह से इसका इस्तमाल नहीं कर पाते हैं। संस्था पापड़, बिजौरी, अचार वगैरह तैयार कर बेचती है, उससे होने वाले मुनाफे व कुछ राशि खुद से एकत्र कर इस कार्य को अंजाम दे रही है।

बच्चों को बना रहे आत्म निर्भर
इसके साथ-साथ संस्था फिनाइल व हैंड वाश का उत्पादन करने के लिए मंदबुद्धि छात्रों को प्रशिक्षण दे रही है। इससे वे आत्म निर्भर हो सकते हैं। यह प्रशिक्षण मुफ्त में देने के बाद वे जो उत्पादन तैयार कर रहे हैं, उसे संस्था खरीद भी रही है, जिससे उनका उत्साह बना रहे। वे भी कदम से कदम मिलाकर समाज के विकास में अपना योगदान दे सके।