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CISF के जवानों ने किया अपनी जांबाजी का प्रदर्शन, दुश्मनों के दांत खट्टे करने पूरी तरह तैयार

सोमवार को उतई स्थित सीआईएसएफ के ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में 316 जवानों ने पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Apr 10, 2018

Patrika

भिलाई . कदम से कदम मिलाते सीआईएसएफ के जवान और उनका हैरतअंगेज प्रदर्शन देखते ही बनता था। कभी साइलेंट ड्रिल का कमाल तो कभी मलखम के जरिए अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन। सीआरटी डेमो, रिफ्लेक्स शूटिंग, ऐरोबिक्स, पारकोर एंव मोटर ट्रेनिग के डेमो को देखते ही दीक्षांत परेड ग्राउंड तालियों से गूंज उठा।

मौका था सीआईएसएफ में 28 वें दीक्षांत परेड समारोह का। सोमवार को उतई स्थित सीआईएसएफ के ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में 316 जवानों ने पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आईजी(ट्रेनिंग) जगबीर सिंह मुख्य अतिथि थे। उन्होंने परेड की सलामी लेकर कहा कि जवानों को देश की बदलती परिस्थितियों एवं जरूरतों के हिसाब से स्वयं को तैयार रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत परेड सीखने का अंत नहीं बल्कि यह एक नई शुरुआत है। कार्यक्रम में डीआईजी शिखा गुप्ता सहित कई आला अधिकारी मौजूद थे।

26 सप्ताह का कड़ा प्रशिक्षण
डीआईजी आरटीसी एनजी गुप्ता ने जानकारी दी कि बल मुख्यालय ने सीआईएसएफ आरटीसी भिलाई को मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग के लिए स्पेशल ट्रेनिग सेंटर बनाया गया है। इस प्रशिक्षण केंद्र मेें सीआईएसएफ मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल भी तैयार हो चुका है। जहां आरक्षक चालक प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न प्रकार के वाहनों को चलाने की एडवांस ट्रेनिंग दी जा रही है। 26 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद यह जवान औद्योगिक एंव आंतरिक सुरक्षा के अतिरिक्त मेजर एक्ट, माइनर एक्टस, मानव अधिकार, फील्ड क्राप्ट और विभिन्न आधुनिक हथियारों को चलाने में भी एक्सपर्ट हैं।

परिवार को देख खिल उठे चेहरे
दीक्षांत समारोह में जवानों का परिवार भी पहुंचा था। परेड खत्म होने के बाद वे सभी अपने परिवार के सदस्यों से मिलने लगे। किसी ने अपनी बेटी को गोद में उठाया तो कोई छोटी बहन को गले लगाकर रो पड़ा। छह महीने की कठिन ट्रेनिंग के बाद हर कोई अपने परिवार के मिलने बेकरार था। अब यह सभी जवान अपनी पोस्टिंग पर जाएंगे और देश सेवा के लिए अपने कदम बढ़ाएंगे।

मंजीत ऑलराउंडर
आरक्षक मंजीत को आलराउंडर बेस्ट ट्राफी आरक्षक बुलाखे लुकेशनंद गणपत को आंतरिक विषयों में बेस्ट ट्राफी, आरक्षक अमनदीप कुमार को बाह्य विषयों में बेस्ट ट्राफी एवं आरक्षक परमेंदर कुमार को चांदमारी में बेस्ट ट्राफी प्रदान की गई।