
बाघ अब पहुंचा डौंडी वनांचल क्षेत्र में, पहले गाय और अब नीलगाय का किया शिकार
बालोद@Patrika. जिले में बाघ दिखने के बाद एवं वन विभाग द्वारा सर्च के बाद उसके जंगल चले जाने के दावे के विपरीत फिर से बाघ देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। शनिवार को बाघ ने चिहरो गांव के किसान अशोक कुमार की गाय को शिकार बनाया था। इससे फिर से बाघ के बस्ती में आमद की खबर पुष्ट है। वहीं दूसरे दिन रविवार को वन्य प्राणी मादा नीलगाय को शिकार के बाद मांस छोड़ देने से ग्रामीणों का दावा पुख्ता हो गया है। उनकी मानें तो बाघ जिले के डौंडी वन क्षेत्र में अभी भी विचरण कर रहा है।
नीलगाय के शिकार के निशान से उड़े होश, भय के कारण ग्रामीण नहीं जा रहे जंगल
डौंडी परिक्षेत्र के आमाडुला वन वृत्त के चिहरो के कक्ष क्रमांक 104 में अभी बाघ होने की सूचना से लोगों में दहशत है। दो दिन से बाघ के पैर के निशान से वन अमला सतर्क हो गया है। ग्राम आमाडुला के पास लगे जंगल में बाघ के पद चिन्ह और मल मिले हैं। वहीं कुछ ही दूर पर नीलगाय का मृत शरीर मिला है। नीलगाय को बाघ ने शिकार कर छोड़ दिया है ऐसा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि नीलगाय गाभिन थी। बाघ ने गर्भाशय में पलने वाले बच्चे को आधा खाकर छोड़ दिया है। मौके पर दुर्ग संभाग के सीसीएफ , डीएफओ और वन विभाग के उच्च अधिकारी जंगल सफारी टीम के साथ सर्च अभियान में जुटे हुए हैं।
गांवों में कराई मुनादी
आमाडुला वन वृत्त के आस पास के गांवों में मुनादी करा दी गई है। विभाग की ओर से लोगों को सचेत रहने, रात में घर से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दी गई है। भय के कारण ग्रामीण दिन में भी जंगलों की ओर जाने से कतरा रहे है। दिघवाडी गांव के कुछ ग्रामीणों ने जंगल में बाघ की दहाड़ सुनने का दावा किया है।
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Published on:
19 Jan 2020 11:00 pm
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