
राजनांदगांव. भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के राजनांदगांव सेंटर में हॉकी के चयन ट्रायल में अपने हुनर को और भी निखारने की ललक लेकर छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोंडागांव के सुदूर गांवों की नौ बेटियां यहां आई हुई हैं। खास बात यह है कि इन बच्चियों को हॉकी की प्रारंभिक ट्रेनिंग देने का काम इंडो तिब्बत बार्डर पुलिस (आईटीबीपी) की टीम कर रही है।
राजनांदगांव में साई के चयन ट्रायल
राजनांदगांव में साई के चयन ट्रायल में इन बच्चियों को लेकर आईटीबीपी की ४१ वीं वाहिनी के हवलदार सूर्या स्मिथ यहां आए हैं। स्मिथ ही इन बच्चियों को हॉकी का प्रशिक्षण दे रहे हैं। कोंडागांव क्षेत्र के मरदापाल में कन्या हॉस्टल में रहने वाली इन लड़कियों की उम्मीदों को उस समय पंख लगना शुरू हुआ, जब उनके हॉस्टल के ठीक पीछे आईटीबीपी का बेस कैम्प स्थापित हुआ। अपने सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत आईटीबीपी ने हॉस्टल की बच्चियों को खेलने प्रेरित किया और अब लगातार दो साल से ये आदिवासी बच्चियां प्रशिक्षण हासिल कर दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हंै।
चाहते हैं मिले बेहतर अवसर
चंडीगढ़ में वर्ष २००३-०४ में जूनियर इंडिया कैम्प में हिस्सा ले चुके आईटीबीपी के हवलदार स्मिथ ने बताया कि वे उड़ीसा के कटक के एक गांव के रहने वाले हैं। उस दौर में कोई खास मदद नहीं मिलती थी लेकिन वे और उनकी आईटीबीपी के सारे अफसर चाहते हैं कि नक्सली से घिरे छत्तीसगढ़ के सुदूर इलाके की इन बच्चियों को और बेहतर अवसर मिले। इसी उम्मीद के साथ साई के चयन ट्रायल में इन बच्चियों को लेकर आए हैं ताकि यहां प्रशिक्षण हासिल कर उनके खेल में और भी निखार आ सके।
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Updated on:
24 Feb 2018 09:29 am
Published on:
24 Feb 2018 09:27 am
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