
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं ने बैंगलोर में प्रस्तुति से दिल जीत लिया।
जीते पुरस्कार
इस कार्यक्रम में सभी राज्यों के स्थानीय लोक कार्यक्रम की प्रस्तुति एवं प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ के कविता टेकाम नेे वाद विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर 5 हजार रुपए का पुरस्करा जीता। सांस्कृतिक प्रोग्राम में द्रौपादी उइके, कोमल मरकाम, अंजली विश्वकर्मा, कविता टेकाम, लिलेश्वरी उइके, रागनी नरेटी, रामेश्वरी टेकाम, कैलाश कुमार तोहलिया, सविता टेकाम, गुलशन कुमार, अनिल कुमार कुरेटी, शांति दुग्गा, नीरज नेताम, रिशिकेश नायक, चैनू राम नेताम, बुदरू उसेंडी और शिवराज हुर्रा सहित कुल 17 प्रतिभागियों ने भाग लेकर प्रथम स्थान प्राप्त 2 हजार रुपए का पुरस्कार प्राप्त किया।राशि प्राप्त कर दूसरे राज्य में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। बैंगलोर से लौटने के बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) सीमांत मुख्यालय (स्पेशल ऑॅप्स) छत्तीसगढ, रिसाली-भिलाई के आईजी एसके त्यागी एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डीआईजी (इंटेलीजेंस) दिनेश मुर्मू ने युवाओं को बधाई दी।
बीएसएफ ने निभाई जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से लोहा लेने बीएसएफ 2009 से तैनात है। अपने कर्तव्य के साथ-साथ बीएसएफ ने कांकेर जिले के आदिवासी गांवों में सामाजिक सरोकार के कई कार्य किए हैं। जिसकी वजह से ग्रामीणों का फोर्स के प्रति लगातार विश्वास बढ़ रहा है और युवाओं की सोच भी बदल रही है। बीएसएफ के आने के बाद कई ऐसे गांव है जो आजादी के बाद सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़ पाए। वही अपने सिविक एक्शन प्रोग्राम के जरिए बीएसएफ ने ग्रामीओं को आत्मनिर्भर भी बनाया। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा से भी उन्हें जोड़ा. जिसके बाद अब युवाओं का फोर्स में जाने के लिए भी रुझान बढ़ रहा है।
Published on:
5 Apr 2022, 9:18 PM IST
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