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विवि का एक और कारनामा : दो छात्राओं को परीक्षा दिए बिना ही मिल गए अंक

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में एलएलबी प्रथम वर्ष की छात्रा को बिना परीक्षा दिए ही अंक बांट दिए।
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भिलाई

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Bhuwan Sahu

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Updated: 12 May 2019, 9:13 AM IST

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विवि का एक और कारनामा : दो छात्राओं को परीक्षा दिए बिना ही मिल गए अंक

भिलाई . हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में गड़बड़ी का एक नया मामला सामने आया है। विवि ने एलएलबी प्रथम वर्ष की एक छात्रा को बिना परीक्षा दिए ही अंक बांट दिए। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा के सहपाठियों ने फोनकर उसे बताया कि तुम्हे एक पेपर में ३६ अंक मिले हैं। यह मामला कल्याण लॉ कॉलेज का हैं, जिसमें प्रथम सेमेस्टर की छात्रा निशा परिहार को विवि ने कॉन्ट्रेक्ट-२ विषय का पेपर दिए बिना ही अंक दिए। मामले ने तुरंत ही तूल पकड़ा और अन्य विद्यार्थी कुलसचिव के पास यह गड़बड़झाला लेकर पहुंच गए। फिलहाल विवि ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

अनुजा को भी बिना परीक्षा मिले 35 अंक

कॉलेज प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक सिर्फ निशा को ही बिना परीक्षा दिए अंक नहीं मिले हैं, बल्कि एक अन्य छात्रा अनुजा झा को भी विवि ने लीगल हिस्ट्री के पेपर में ३५ अंक दे डाले। अनुजा ने सेमेस्टर के सभी विषयों की परीक्षा दी, लेकिन लीगल हिस्ट्री के पेपर में गैरहाजिर थी। यानी विवि ने गैरहाजिर छात्रा को भी ३५ अंकों का तोहफा दिया। बताया जा रहा है कि अनुजा को यदि एक अंक और मिलता तो वह इस सेमेस्टर में उत्तीर्ण हो जाती, जबकि बिना परीक्षा दिए ही उसे बैकलॉग में रखा गया।

कंपनी लॉ में सभी फेल, दोबारा होगी जांच

विवि की गड़बडिय़ां यहीं नहीं रुकती। एलएलबी की परीक्षा का रिजल्ट खराब आया है। पांचवे सेमेस्टर के कंपनी लॉ के पेपर में लगभग सभी विद्यार्थी फेल हैं। विवि ने फिलहाल यह पेपर दोबारा से जांचने का निर्णय लिया है। विवि प्रशासन का कहना है कि रिजल्ट आने के बाद एक ही विषय में सभी का फेल होना आश्चर्य जैसा है, इसलिए सत्यता की जांच करने के लिए उत्तरपुस्तिका की जांच दोबारा से करनी होगी। बता दें कि एलएलबी में बहुत से विद्यार्थियों के प्रायोगिक परीक्षा के अंक भी नहीं जोड़े गए हैं।

पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सीएल देवांगन ने बताया कि यह सारी गलती एजेंसी की वजह से हो रही है। पहले भी इस तरह के मामले सामने आए थे, जिसके बाद एजेंसी को ऐसा दोबारा न करने की चेतावनी दी गई थी। इससे विवि की छवि खराब होती है। दो छात्राओं को बिना परीक्षा में शामिल हुए अंक मिले हैं। जांच कराई जाएगी।

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