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Eye Flu :तेजी से फैल रहे viral conjuctivities infection से घबराएं नहीं, इन 5 तरीकों से हो सकता है बचाव, जानें गाइडलाइंस

Eye Flu Cases In Chhattisgarh : बुधवार( eye flu precaution) को भी भिलाई-दुर्ग समेत जिलेभर से करीब 1500 मरीज सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचे।

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Eye Flu :तेजी से फैल  रहे viral conjuctivities infection से घबराएं नहीं, इन 5 तरीकों से हो सकता है बचाव, जानें  गाइडलाइंस

Eye Flu :तेजी से फैल रहे viral conjuctivities infection से घबराएं नहीं, इन 5 तरीकों से हो सकता है बचाव, जानें गाइडलाइंस

भिलाई. बुधवार को भी भिलाई-दुर्ग समेत जिलेभर से करीब 1500 मरीज सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचे। विशेषज्ञों का कहना है कि कन्जक्टिवाइटिस वायरस और बैक्टीरिया से फैलता है, जिसके चलते यह एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है। कन्जक्टिवाइटिस को पिंक आइज की समस्या भी कहा जाता है। ज्यादातर यह समस्या सामान्य इलाज से ही ठीक हो जाती है। इसके गंभीर होने का खतरा कम होता है। लेकिन आंख सबसे ज्यादा संवेदनशील अंग है, इसलिए इनका विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है।

संक्रमित आंख देखने से बीमारी फैलना भ्रम

एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस होने पर खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। चिकित्सकों के अनुसार कन्जक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से फैलती है। अत: मरीज को अपनी आंखों को हाथ नहीं लगाने की सलाह दी जाती है। मरीज के उपयोग की चीजों को अलग रखकर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है।

संक्रमित आंख को देखने से इस बीमारी के फैलने की धारणा केवल भ्रम है। यह बीमारी केवल सम्पर्क से ही फैलती है।

संक्रमित व्यक्ति आंखों पर हाथ न लगाएं

आई फ्लू या कन्जक्टिवाइटिस से बचाव के लिए आंखों की सफाई का पूरा ध्यान रखें और उन्हें ठंडे पानी से बार-बार धोएं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। कन्जक्टिवाइटिस से पीड़ित होने पर बार-बार आंखों पर हाथ न लगाएं। आंखों में आई ड्रॉप डालने से पहले हाथों को अच्छी तरह धो लें। आंखों पर बर्फ की सिकाई जलन और दर्द से राहत दिलाती है।

संक्रमण के दौरान गंदगी और ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

बारिश, नमी और दूषित जल से कई तरह के बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, जिनमें से कुछ आंखों के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। मॉनसून सीजन में आई फ्लू का खतरा बच्चों में सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चे और नन्हें बच्चों का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है। इस बीच नेत्र संबंधी कोई भी समस्या होने पर नेत्र विशेषज्ञ से जांच और उपचार कराना चाहिए।

अपने स्तर पर किसी भी तरह का उपचार करने से बचना चाहिए।

आंखों में पानी और जलन प्रमुख लक्षण

आई फ्लू में आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों से पानी आने लगता है, जलन होती है, पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है। आंखों में चुभन होने के साथ सूजन आ जाती है। आंखों से पानी आना और खुजली होना सामान्य लक्षण हैं। इन्फेक्शन गहरा हो तो आंखों की कॉर्निया को भी नुकसान हो सकता है, दृष्टि प्रभावित हो सकती है।

दवा और जांच मुफ्त में हो रही

संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं और उनकी चीजें जैसे चश्मा, तौलिया, तकिया आदि न छुएं। साथ ही अपना तौलिया, रूमाल, चश्मा आदि किसी के साथ साझा न करें। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो जल्द ही यह समस्या दूर हो सकती है। नेत्र संबंधी कोई भी समस्या होने पर नेत्र विशेषज्ञ के पास दिखाना उचित होता है। अन्यथा गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है।

आंखों की जांच और उपचार की सुविधा चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नि:शुल्क उपलब्ध है।