4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ऐसा क्या हुआ कि पुलिस अफसर के बेटे व ड्राइवर की पिटाई के बाद थाने में धाराएं बदल गई, पढ़ें खबर

देर रात थाना प्रभारी का परिवार के साथ कार से लौट रहे थे, तभी नशे में धुत चार लड़कों ने बेवजह विवाद कर लिया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भिलाई

•

image

Satya Narayan Shukla

•

Updated: 11 Jun 2018, 12:23 AM IST

Bhilai crime

ऐसा क्या हुआ कि पुलिस अफसर के बेटे व ड्राइवर की पिटाई के बाद थाने में धारा बदल गई, पढ़ें खबर

भिलाई. देर रात थाना प्रभारी का परिवार के साथ कार से लौट रहे थे, तभी नशे में धुत चार लड़कों ने बेवजह विवाद कर लिया। उन लड़कों ने सबसे पहले ड्राइवर के साथ मारपीट की, जब उसे बचाने थाना प्रभारी का बेटा उतरा तो उसको भी पीट दिया। हालात बिगड़ते देख थाना प्रभारी ने पुलिस को बुलाया। पुलिस तत्काल उन लड़कों को पकड़कर सुपेला थाना ले गई। उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली गई। इस मामले में नया मोड़ यह आया कि एफआइआर की धारा बदल दी गई। इसके बाद आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी जमानत पर रिहा कर दिए गए।

एफआइआर में घटना का यह दिया गया ब्यौरा
पुलिस अधिकारी के ड्राइवर आर्य नगर दुर्ग निवासी आनंद कुमार माने ने शनिवार देर रात सुपेला थाना में एफआइआर दर्ज कराई। इसमें बताया कि सुपेला में एक होटल से डिनर के बाद कार से पुलिस अधिकारी के परिवार को लेकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक कार ने उनकी कार को कट मारा। जब उसमें सवार लड़कों को टोका तब उन्होंने अपनी कार सामने अड़ाकर गाली-गलौच कर दी। फिर मारपीट उतारू हो गए। जेब से एक हजार रुपए निकाल लिए। बीचबचाव के दौरान पुलिस अधिकारी के बेटे को भी पीटने लगे। इस पर पुलिस को फोन लगाया।

पहले लगाई गईं यह धाराएं
सुपेला थाना पुलिस ने आरोपी जतिन चौरे, गुरवीर सिंह, रंजीत सिंह, हरविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। संदीप घोषले मौके से फरार हो गया। इन पांचों के खिलाफ धारा १४७ (बलवा), २९४ (मारपीट), ३२३ (मारपीट कर चोट पहुंचाना), ३२७(शराब पीने के लिए पैसा मांगना), ५०६ (जान से मारने की धमकी) के तहत जुर्म दर्ज किया।

धाराओं में किया गया संशोधन
इस मामले में टीआई अमित बेरिया खुद विवेचना में जुट गए। तत्काल मौका मुआयना किया। जिस होटल के सामने की घटना है उसके दो गार्डों का बयान लिया। फिर एफआइआर की धारा ३२७ में संशोधन कर धारा १५१ लगाई। इसके बाद रविवार को शाम ६ बजे चारों आरोपियों को एसडीएम कोर्ट, छावनी में पेश किया।

धाराओं में संशोधन पर उठे सवाल
०-पुलिस अधिकारी के ड्राइवर की शिकायत पर एफआइआर हुई, तो धाराएं बदली क्यों गईं?
०-विवेचना में जेब से पैसे निकालने की बात गलत निकली तो ड्राइवर ने झूठ क्यों बोला?
०- इस मामले में राजनीतिक दखल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप की बात क्यों आई?

327 को बदल कर प्रतिबंधात्मक धारा लगाई
टीआई थाना सुपेला अमित बेरिया बताया कि मारपीट करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विवेचना की गई। गवाहों के बयान में शराब पीने के लिए पैसे मांगने और जेब से पैसा निकालने की बात सामने नहीं आई। इसलिए धारा ३२७ को बदल कर प्रतिबंधात्मक धारा १५१ के तहत न्यायालय भेजा गया।