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… क्यों जरूरी है रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

1 लाख से अधिक लोगों को कर चुके जागरूक,

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भिलाई

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Abdul Salam

Jul 09, 2023

... क्यों जरूरी है रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

... क्यों जरूरी है रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

भिलाई. वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के संबंध में विशेषक्ष राजेंद्र देवांगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में लोगों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के संबंध में जागरूक किए हैं। इसके साथ-साथ लोगों को यह जानकारी भी दी गई है कि बारिश का पानी अगर सहेजते नहीं हैं, तो उसका क्या नुकसान होगा। उम्मीद करते हैं कि वर्कशॉप के बाद वे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों में इन बातों को शेयर करेंगे। इसका लाभ आने वाले वक्त में देखने को मिलेगा।

सवाल :- लोगों को जागरूक कर रहे हो, इसके पीछे उद्देश्य क्या है।
जवाब :- छत्तीसगढ़ में कहीं भी पानी की कमी न हो। इस दिशा में ही काम कर रहे हैं। जल प्रबंधन में काम पूरी तरह सफल होगा, तब पूरे प्रदेश में पानी की किल्लत नहीं रहेगी।

सवाल :- क्या काम कर रहे हैं वर्तमान में,
जवाब :- ग्राउंड वाटर रिचार्ज की दिशा में काम कर रहे हैं। बारिश के पानी को एकत्र करने, जमीन के भीतर भेजने की जरूरत है।

सवाल :- पहले और अभी में ग्राउंड वाटर की स्थिति क्या है।
जवाब :- पहले जिन क्षेत्रों में लोगों को सिर्फ 50 से 70 फीट बोरिंग खनन करने से पानी मिल जाता था। आज वहां 200 से 300 फीट बोरिंग खनन करना पड़ रहा है। धमधा क्षेत्र में बोरिंग के सूख जाने की शिकायत आ रही है।

सवाल :- इसके लिए विकल्प क्या है।
जवाब :- बारिश के पानी को घरों के छत से सीधे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से जमीन के भीतर भेजा जाए। दूसरा तालाब व डबरी बनाकर उसमें पानी एकत्र करना। इससे ग्राउंड वाटर रिचार्ज होगा।

सवाल :- ऐसा उदाहरण भी है किसी जगह का, लोगों को लाभ मिला हो।
जवाब :- नेहरू नगर के भेलवा तालाब की वजह से यहां के लोगों को बड़ा लाभ मिला है। वहां बोरिंग के सूखने की शिकायत कम हुई है।

सवाल :- नए सड़क और भवन निर्माण से असर हो रहा है।
जवाब :- विकास कार्य जारी रहेगा। नई सड़क बनेगी, भवन बनेंगे। इससे बारिश का पानी बहकर निकल जाएगा। उसे ही बचाने के लिए आवासों व भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर बल दे रहे हैं। प्रदेश में तालाबों की संख्या घट रही है, उसे बढ़ाना होगा। खेत में भी डबरी बनवाना होगा।

सवाल :- प्रदेशभर में लोगों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से होने वाले फायदे के संबंध में बताने का लाभ मिला।
जवाब:- प्रदेश में अब तक करीब 1 लाख से अधिक लोगों को जागरूर किए हैं। इसका लाभ मिला है। लोगों ने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपने घरों में लगवाए और बाद में इसके संबंध में बताया भी। प्रदेश के हर निकाए क्षेत्र में जाकर लोगों को जागरूक किए हैं। इस संबंध में दो किताब भी लिखा, जिसे उनको पढऩे के लिए देता रहा हूं।

सवाल :- बारिश के जल प्रबंधन की तकनीक क्या है।
जवाब :- वर्षा जल सतही प्रवाह के रूप में बहकर व्यर्थ हो जाने से पहले सतह पर, सतह से उपर, सतह के नीचे या उपसतह (जलभृत) में एकत्रित या संचित किए जाने की तकनीक को वर्षा जल संचयन कहते हैं। इसके लिए बारिश के जल का सीधे उपयोग के लिए व भू-जल भंडारण में पर्याप्त बढ़ोत्तरी की जा सकती है। बारिश के पानी का संग्रहण किया जा सकता है। इसके अलावा सतह पर टैंक, भूमिगत टैंक व ओवरहेड टैंक बना सकते हैं।

सवाल : प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता वर्तमान में कितनी हो चली है।
जवाब :- भारत में 1951 के दौरान प्रतिव्यक्ति पानी की उपलब्धता 5177 घन मीटर प्रतिवर्ष थी। जो अब घटकर 1545 घन मीटर प्रतिवर्ष रह गई है। 2061 तयह है 1140 घन मीटर प्रतिवर्ष तक हो जाएगी।