
जेल में बंद महिला कैदी की गांधीगिरी देख पसीजा दिल, आजीवन कारावास की सजा पूरी होने से पहले किया रिहा
दुर्ग. राष्ट्रपिता के 150 वीं जयंती (Gandhi Jayanti) पर केन्द्रीय जेल से बेहतर आचरण के लिए एक महिला कैदी ( Durg central Jail women prisoner release) को रिहा किया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के दौरान बेहतर आचरण को देखते हुए जेल (Durg Jail)प्रशासन ने सजा माफी की सिफारिश की थी। जिसे जेल एवं गृह विभाग ने स्वीकृति दी। आजीवन कारावास की सजा काट रही महिला कैदी को बुधवार को कार्यक्रम के दौरान रिहा किया गया। इस दौरान गांधी जयंती पर होने वाले 6 दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया गया। सीजेएम मोहन सिंह कोर्राम ने ने गांधी प्रतिमा पर माल्र्यापण कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल शर्मा व जेल अधीक्षक योगेश क्षत्रिय उपस्थित थे।
संगोष्ठी में सीजेएम मोहन सिंह कोर्राम ने गांधी जी के आदर्शों व विचारों पर प्रकाश डाला। जेल अधीक्षक योगेश क्षत्रिय ने महात्मा गांधी के सामाजिक आर्थिक विचारों प्रकाश डाला गया। इसके बाद बंदी संदीप, विरेन्द्र कोशले व राजेश कुमार ने गांधी जी के संक्षिप्त जीवन परिचय व स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान के संबंध में अवगत कराया।
संतोष राय ने वैष्णव जन तो तेणे कहिए ..भजन व घनश्याम, रोहित व होमलाल ने रघुपति राघव राजा राम भजन का गायन किया गया। अतिथियों ने बंदियों को गांधी जी के जीवन से संबंधित पुस्तकों का वितरण किया। साथ ही जेल बैंड पार्टी ने देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में गांधी जी की फिल्म का प्रदर्शन किया गया। गांधी जयंती के अवसर पर जेल अदालत एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें न्यायाधीश मधुसूदन चन्द्राकर, अविनाश त्रिपाठी, मोहन सिंह कोर्राम ने चार प्रकरणों का निराकरण किया।
Published on:
03 Oct 2019 12:17 pm
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