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अमृत भारत योजना से बदलेगी तस्वीर, पुरानी भिलाई रेलवे स्टेशन के 5 करोड़ से संवारने का काम शुरू

Railway Update : आजादी के पहले बने पुरानी भिलाई रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है।

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अमृत भारत योजना से बदलेगी तस्वीर, पुरानी भिलाई रेलवे स्टेशन के 5 करोड़ से संवारने का काम शुरू

अमृत भारत योजना से बदलेगी तस्वीर, पुरानी भिलाई रेलवे स्टेशन के 5 करोड़ से संवारने का काम शुरू

भिलाई। Railway Update : आजादी के पहले बने पुरानी भिलाई रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। यह वही रेलवे स्टेशन है, जिसके नाम से भिलाई इस्पात संयंत्र का नाम पड़ा। पुरानी भिलाई रेलवे स्टेशन के पुराने भवन को तोडऩे का काम शुरू कर दिया गया है। 5 करोड़ की लागत से पुराने रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है।

47 साल पहले जंक्शन के नाम से जाना जाता था पुरानी भिलाई

पुरानी भिलाई रेलवे स्टेशन 1976-77 से पहले जंक्शन के नाम से जाना जाता रहा है। 5 दशक पहले बीएसपी की स्थापना काल में भिलाई जंक्शन का रेलवे स्टेशन भिलाई इस्पात संयंत्र की पहचान रहा है। इसी भिलाई जंक्शन पर हजारों की संख्या में अधिकारी श्रमिक आकर उतरते थे।

एक-एक कर हुई सुविधा में कटौती

इस रेलवे स्टेशन से सर्वप्रथम जंक्शन हटा, फिर माल पार्सल हटा। उसके बाद कैंटीन बंद कर दी गई। इसके साथ-साथ प्राथमिक स्कूल को बंद किया गया। एपीओ ऑफिस हटाए। भारत पेट्रोलियम डिपो यहां से हटा कर दूसरे स्थान पर भेजा गया। लोको शेड बंद हो गया। इस तरह यहां की सारी सुविधा धीरे-धीरे बंद होती चली गई।

पैसेंजर हाल्ट रह गया

अब यह पैसेंजर हाल्ट स्टेशन बनकर रह गया है। इसी कड़ी में आजादी के पहले के काउंटर भवन को तोड़ा जाएगा। इस मामले में प्रगतिशील रेल कल्याण व विकास समिति ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को पत्र लिखा है। इसमें आजादी के पहले बने इस रेलवे स्टेशन के पुराने भवन को संरक्षित रखने की मांग की गई है।

यह है वर्तमान में

रेलवे स्टेशन में कैंटीन नहीं है। पैसेंजर ट्रेनों के आने-जाने की उद्घोषणा नहीं की जाती। गाड़ी आने की सूचना पटल नहीं है। पूछताछ केंद्र भी नहीं है। पुरानी समय सारणी लगी है। मांग के बाद भी एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टापेज नहीं है। इस रेलवे स्टेशन का विकास अमृत भारत योजना में किया जाना है, इसके पहले यहां एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव जरूरी है।