
भिलाई. लाल, हरी, पीली, सफेद साडिय़ों में सजी संवरी गाइड्स और धोती और कुर्ते में स्काउट्स, सिर पर सरगुजिया पगड़ी और कर्मा नृत्य में थिरकते हजारों लोग। 10 कैमरे और 4 ड्रोन कैमरों में विश्व रिकॉर्ड का यह खास पल कैद होते ही बस चंद मिनट बाद गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में राजनांदगांव जिले के सोमनी का नाम दर्ज हो गया। सुमधुर गीत पर हजारों स्काउट और गाइड्स को थिरकता देख मंच पर अतिथि भी खुद को नहीं रोक पाए। सांसद अभिषेक सिंह, भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय , स्काउट के राज्य आयुक्त गजेन्द्र यादव, गाइड राज्य आयुक्त रक्षा सिंह, दुर्ग महापौर चंद्रिका चंद्राकर सहित अन्य अतिथियों ने भी बच्चों का स्वागत किया।
नए रिकॉर्ड के बनने की घोषणा
इधर 10 मिनट बाद डांस खत्म होते ही गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड की ओर से एशिया हेड डॉ मनीष बिश्नोई ने सामूहिक कर्मा नृत्य के पुराने रिकॉर्ड को ब्रेक कर नए रिकॉर्ड के बनने की घोषणा कर दी। शनिवार को सोमनी में लगे जंबुरी कैंप की शाम यादगार हो गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि एवं राजनांदगांव के सांसद अभिषेक सिंह ने बच्चों को बधाई दी और रविवार को बनने वाले दो और रिकॉर्ड के लिए भी अग्रिम शुभकामनाएं दी। इधर इस वल्र्ड रिकॉर्ड को देखने दर्शकों की भी भीड़ उमड़ी। कैंप में बने एरिना को स्टेडियम का रूप दिया गया था ताकि दर्शक वहां बैठकर आसानी से इस कार्यक्रम को देख सकें।
एक महीने से तैयारी
कर्मा नृत्य को लेकर वल्र्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी एक महीने पहले से चल रही थी। कोरियोग्राफर सुनील तिवारी ने सभी जिले के बच्चों को डांस के स्टेप सिखाए । इधर जंबूरी में आने वाले दूसरे राज्यों के बच्चों को भी दो दिनों तक प्रैक्टिस कराई ताकि वे भी इस वल्र्ड रिकॉर्ड का हिस्सा बन सकें।
पारंपरिक वेशभूषा में थे बच्चे
कर्मा नृत्य के वल्र्ड रिकॉर्ड के लिए सभी बच्चों को पारंपरिक वेशभूषा पहनाई गई थी। पारंपरिक गहनें कैंप के बच्चों ने ही मिलकर तैयार किए थे। ताकि इस नृत्य की वेशभूषा से लेकर डांस में कोई कमी ना रहें।
मंडला में 4 हजार लोगों का रिकॉर्ड
इससे पहले मध्यप्रदेश के मंडला जिले में जिला प्रशासन ने 4 हजार लोगों से कर्मा नृत्य कराकर पहली बार गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया था। सोमनी में हुए इस कर्मा नृत्य के बाद गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड डॉ मनीष बिश्नोई ने डांस खत्म होते ही इसकी आफिशियल घोषणा कर दी। उन्होंने पत्रिका को बताया कि फिलहाल उन्हें अस्थाई प्रमाण पत्र दिया गया है, लेकिन एक महीने के भीतर उन्हें रिकॉर्ड में शामिल बच्चों की संख्या के साथ दूसरा प्रमाणपत्र दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चों की संख्या को गिनने मेन गेट पर कैमरे लगाए गए थे साथ ही ड्रोन कैमरे के जरिए भी काउंटिंग की गई है। अब सारे वीडियो का परीक्षण करने के बाद ही डांस में शामिल लोगों की संख्या सामने आएगी।
फैक्ट फाइल
कर्मा नृत्य में शामिल हुए- 23 हजार से ज्यादा बच्चे
एमपी के मंडला जिले में था 4 हजार लोगों के कर्मा नृत्य का रिकॉर्ड
10 कैमरे और 4 ड्रोन से हुई वीडियोग्राफी
छत्तीसगढ़ के 28 जिले सहित देश के 6 राज्यों से हुए हैं बच्चे शामिल
Published on:
30 Dec 2017 11:04 pm
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