
मनरेगा श्रमिकों के लिए बढ़ाई 1 रुपए मजदूरी
भीलवाड़ा।
मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी देने में सरकार देश में 16वें स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान जहां सरकार सिर्फ 220 रुपए ही मजदूरी देती थी। इस नए वित्तीय वर्ष में कोरोना जैसी महामारी के बीच में मनरेगा मजदूरों की सिर्फ 1 रुपए ही मजदूरी बढ़ाई गई है। मजदूरी बढ़ाने में प्रदेश का देश में 29 वां स्थान है। सिर्फ केरल ही ऐसा राज्य है, जहां पर इस बार न्यूनतम मजदूरी में कोई इजाफा नहीं किया गया। शेष सभी राज्यों ने श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई है। देश के 15 राज्य मनरेगा श्रमिकों को राजस्थान से अधिक मजदूरी देते हैं। वर्तमान में करीब 60 लाख मनरेगा श्रमिक कार्य करते हैं। यह संख्या बदलती रहती है। कोरोना काल में वापस मनरेगा के कार्यों में तेजी आने की संभावना है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के लिए सबसे बड़ा संबल है।
हरियाणा में सबसे अधिक 315
देश में मनरेगा मजदूरों को सबसे ज्यादा हरियाणा मजदूरी दे रहा है। हरियाणा में वर्तमान में 315 रुपए मजदूरी मिलेगी। इस बार हरियाणा में 6 रुपए बढ़ाए गए हैं। वहीं सबसे कम मजदूरी मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को 193-193 रुपए मिलेंगे। इस बार इन दोनों राज्यों ने 3-3 रुपए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई है। केरल में वर्तमान में 291 रुपए न्यूनतम मजदूरी है। सबसे अधिक मजदूरी मेघालय ने 23 रुपए बढ़ाई। वहां अब 203 की बजाय 226 रुपए मिलेंगे।
Published on:
27 Apr 2021 08:28 am
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