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रेडीमेड गारमेंट्स व होजरी की ११०० दुकाने दो माह से बन्द

कलक्टर को दिया दुकाने खोलने के लिए ज्ञापन

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1100 readymade garments and hosiery shops closed for two months in bhilwara

1100 readymade garments and hosiery shops closed for two months in bhilwara

भीलवाड़ा .

पिछले २० मार्च से शहर की सभी रेडीमेड गारमेंट्स व होजरी की दुकाने बन्द है। इसके कारण लगभग २५०० आदमी बेरोजगार हो गए है। हालात यह है कि कपड़े की क्या स्थिति यह तक व्यापारियों के पता नहीं है। जबकि जनरल स्टोर के नाम से शहर में कई दुकाने खुल रही है। ऐसे में रेडीमेड गारमेंट्स व्यवसायियों ने भी अपनी दुकाने खोलने के लिए गुरुवार दोपहर को जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट को ज्ञापन दिया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश सोमानी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगाए गए महाकफ्र्यू और केन्द्र सरकार की ओर से घोषित लॉकडाउन की पालना के चलते रेडीमेट गारंमेंट एवं होजरी व्यवसाय का संचालन पूर्णतया बंद है। इस व्यवसाय से जुड़े सभी व्यावसायी इसका पालना कर रहे है।
दो माह के बाद भी व्यवसाय शुरू करने की अनुमति नही मिलने के कारण मध्यम व छोटे व्यापारी आर्थिक मंदी की की चपेट में आ गए है। रेडीमेड गारमेंट फैशन व सीजन के हिसाब से बदलता है। मई, जून तथा वैवाहिक सीजन, गर्मियों सीजन को देखते हुए सभी छोटे बड़े व्यापारियों ने दुकानों में माल भर कर रखा है। विवाह समारोह पर रोक होने तथा दो माह से व्यवसाय बंद होने से आर्थिक संकट में आ गए है। सोमानी ने बताया कि रेडीमेड गारमेंटस एवं होजरी व्यवसाय जिले में सर्वाधिक रोजगार देंने वाले क्षेत्रों में आता है। जिला ऑरेंज जॉन में है और केंद्र व राज्य सरकार की गाइडलाइन में रेडीमेड गारमेंट की दुकान अनुमत श्रेणी होते हुए भी प्रसाशन की ओर से अनुमति प्रदान नही की जा रही है।
सचिव गोपाल विजयवर्गीय ने बताया कि कोरोना के कारण दुकाने बन्द है, लेकिन खर्चे सभी चालू है। इससे स्थिति और विकट होती जा रही है। दुकान, गोदाम, मकान किराया, स्कूल फीस, व्यावसायिक बैंक ऋण, व्यापारियों का भुगतान, स्टाफ का वेतन, बिजली बिल, घरेलू खर्चो आदि आवश्यक खर्चो के भुगतान बिना व्यवसाय संचालन के असंभव है और इसके चलते व्यापारियों को भविष्य की चिंता सताने लगी है। शहर व जिले में ११ मई से बाजार खोलने की अनुमति जिला प्रशासन की ओर से की गई, लेकिन इसमें रेडीमेड गारमेंट्स एवं होजरी व्यवसाय को अनुमत श्रेणी में शामिल नही किया गया है। इस पर कलक्टर भट्ट ने कहा कि वे उनकी बात को सरकार तक पहुंचाएंगे। भट्ट ने कहा कि यह उनके हाथ की बात नहीं है।