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15 सरकारी स्कूलों की संवरेगी सूरत, डीएमएफटी से 2.60 करोड़ की स्वीकृति जारी

सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर

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The appearance of 15 government schools is set to be revamped; approval for ₹2.60 crore issued under the DMFT.

15 सरकारी स्कूलों की संवरेगी सूरत, डीएमएफटी से 2.60 करोड़ की स्वीकृति जारी

भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है। स्कूलों में कक्षा-कक्षों की कमी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भीलवाड़ा डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) ने जिले के 15 विद्यालयों में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 2 करोड़ 60 लाख 66 हजार रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। कलक्टर एवं डीएमएफटी अध्यक्ष जसमीत सिंह संधू की स्वीकृति के बाद अब इन स्कूलों में नए कक्षा-कक्ष, बड़े हॉल, शौचालय, किचन शेड और पेयजल सुविधाओं का निर्माण जल्द शुरू हो सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सकेगा। हालांकि इस निर्माण कार्य के लिए निविदा आंमत्रित की जाएगी।

सबसे बड़ी स्वीकृति

कलक्टर ने राउमावि नीम का खेड़ा 4 कक्षाकक्ष, 2 यूनिट शौचालय, किचन शेड एवं पेयजल सुविधा के लिए 67.10 लाख रुपए। रूपलाल सोमानी राउमा भगवानपुरा में हॉल निर्माण के लिए 30 लाख रुपए। राबाउमावि भगवानपुरा में 2 कक्षा कक्ष और महात्मा गांधी स्कूल भीमड़ियास 2 कक्षाकक्ष के लिए 20.26-20.26 लाख रुपए स्वीकृत किए है। इनके अलावा बागरिया बस्ती, कारोल, हिसनिया, दहींमथा, लक्ष्मीपुरा, संतोकपुरा, अरनिया, बागड़, कोट और देवरिया के विद्यालयों में भी 1-1 कक्षा-कक्ष का निर्माण के लिए बजट स्वीकृत किया है।

जीपीएस लोकेशन के साथ देने होंगे फोटो

स्वीकृति आदेशों में साफ किया गया है कि गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। कार्य शुरू करने से पहले निर्माण स्थल का वर्तमान स्थिति का और कार्य पूर्ण होने पर जीपीएस युक्त फोटो संलग्न करना अनिवार्य होगा। साथ ही राजस्थान लोक उपापन पारदर्शिता नियम 2013 की पूर्ण पालना करनी होगी।

स्कूलों की समस्या का समाधान होगा

डीएमएफटी से मिली इस बड़ी वित्तीय स्वीकृति से स्कूलों में बुनियादी ढांचे की बड़ी समस्या का समाधान होगा। जिन विद्यालयों में नामांकन अधिक था और कमरों की कमी थी, वहां नए कक्षा-कक्ष बनने से विद्यार्थियों को बैठने की समुचित व्यवस्था मिलेगी। कार्य एजेंसियों को निर्देशित किया जाएगा कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा और तय गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं ताकि बच्चों को इनका लाभ मिल सके।

- राजेन्द्र गग्गड़, जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक