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डेढ़ हजार सीसी कैमरे खंगाले, तब पकड़े गए शातिर चोर

One and a half thousand CC cameras were searched, then vicious thieves were caught राजस्थान में भीलवाड़ा शहर में कपड़ा व्यवसायी के घर में 25 दिन पहले गूगल इंजन एवं लेजर सर्च किरणों की मदद से हुई तीन करोड़ की चोरी के खुलासे के लिए पुलिस को कडही मशक्कत करनी पड़ी। घटना स्थल के आसपास लेकर हाइवे व प्रमुख बाजार तक के डेढ़ हजार सीसी कैमरे खंगाले गए।    

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डेढ़ हजार सीसी कैमरे खंगाले

डेढ़ हजार सीसी कैमरे खंगाले

भीलवाड़ा में सुभाषनगर पुलिस ने 25 दिन पहले कपड़ा व्यवसायी के सूने मकान में हुई तीन करोड़ की नकबजनी के मामले में रिमांड पर चल रहे अंतरराज्जीय गैंग का सरगना समेत चार जनों से बुधवार को माल बरामद किया। आरोपियों की निशानदेही पर 3 किलो सोना, 6 किलो चांदी व 18 लाख नकदी समेत चोरी के उपकरण बरामद किए। मामले में शामिल एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

एएसपी विमलसिंह नेहरा ने बताया कि 3 सितम्बर को विजयसिंह पथिकनगर के सेक्टर ए निवासी व्यवसायी दामोदर लढ़ा परिवार समेत दोपहर में फार्म हाउस पर गए थे। पीछे से चोरों ने सूने मकान का ताला तोड़ा व तीन किलो सोना, 40 लाख नकद समेत करीब तीन करोड़ का माल पार कर ले गए थे। परिवार को रात में लौटने पर चोरी का पता लगा।


इस मामले में नौ दिन पहले भोपाल निवासी अनूपसिंह राजपूत, अमितसिंह राजपूत तथा राकेश कुशवाह को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। एक आरोपी ग्वालियर निवासी नवीन गोस्वामी को गिरफ्तार किया। इनसे माल बरामद करने के लिए कई टीमों का गठन कर मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में भेजा गया।

ये माल बरामद

आरोपियों की निशानदेही पर 3 किलो सोना, 6 किलो चांदी व 18 लाख नकद, 25 लाख का डायमंड सेट, वारदात में प्रयुक्त कार, फर्जी नम्बर प्लेट, फेसमास्क, दस्ताने, ताले तोड़ने के लिए टामी, पेचकस, वॉकी टॉकी, चोरी किए गहनों को पिघलाने के लिए मशीन बरामद की।

डेढ़ हजार सीसी कैमरे खंगाले

पुलिस ने स्थानीय नकबजनों को टटोला, लेकिन उनसे कुछ हाथ नहीं लगा। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया। एक हजार किमी के 100 स्थानों के करीब डेढ़ हजार सीसी कैमरे खंगाले। उसके बाद आरोपियों की पहचान हुई। अलग-अलग टीमें बना भोपाल, ग्वालियर, झांसी, कोटा, शिवपुरी, राजगढ़ में सात दिन तक कैंप किया।


आरोपियों ने नकबजनी की पचास से अधिक वारदात कबूल की। इनमें मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान समेत कई राज्य शामिल हैं। ये लोग हाई प्रोफाइल तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। इन पर बीस से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों पर भीलवाड़ा पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

इनका रही अहम भूमिका

बरामदगी मामले में प्रशिक्षु आरपीएस मेघा गोयल, थानाप्रभारी जय सुल्तान कविया, हैडकांस्टेबल अनिरूद्धसिंह, जगराम, सतीश कुमार, कांस्टेबल लोकेश शर्मा तथा भूपेन्द्रसिंह की अहम भूमिका रही।