
40,000 liters of rainwater will be saved for the consecration ceremony.
शास्त्रीनगर मुख्य सेक्टर स्थित दिगंबर जैन मंदिर के समीप अध्यात्म और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यहा करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से शहर का पहला चार मंजिला श्रीपार्श्व संयम भवन निर्माणाधीन है। इस भवन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका निर्माण किसी एक व्यक्ति की निजी राशि से नहीं, बल्कि शास्त्रीनगर क्षेत्र के विभिन्न दानदाताओं और लाभार्थियों के सामूहिक सहयोग से किया जा रहा है। वर्ष 2024 में मुनि सुधासागर के आशीर्वाद एवं बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया के सानिध्य में शिलान्यास के बाद अब यह कार्य तेजी से पूर्णता की ओर है। भवन का नक्शा और वास्तु स्वयं मुनि के दिशा-निर्देशों में तैयार किया गया है।
ट्रस्ट अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि सर्व सुविधायुक्त इस भवन को चार स्तरों पर विभाजित किया गया है। भूतल पर विशाल प्रवचन हॉल, सभागार और स्वाध्याय कक्ष का निर्माण होगा। प्रथम व द्वितीय मंजिल पर कुल 10 विशेष कमरे बनाए जा रहे हैं। ये कमरे पूर्णतः साधु-संतों की साधना और धर्मचर्चा के लिए होंगे। इनमें अन्य किसी के ठहरने की अनुमति नहीं होगी। तृतीय मंजिल पर 7 कमरों का निर्माण किया जा रहा है। जहां बाहर से आने वाले समाजजन और अतिथि ठहर सकेंगे। इसके अलावा भवन में आवागमन के लिए लिफ्ट, निर्बाध बिजली के लिए जनरेटर सेट और आधुनिक भोजनशाला की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यहां 40 हजार लीटर क्षमता का विशाल वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जा रहा है। बारिश के पानी को संग्रहित करने के लिए बनने वाले इस टैंक का उपयोग भगवान के अभिषेक और साधु-संतों की आहारचर्या के लिए किया जाएगा।
भवन के विभिन्न हिस्सों के निर्माण में समाज के अग्रणी परिवारों का सहयोग मिल रहा है। मुख्य हॉल प्रेम देवी-प्रदीप वेद व जिनेंद्र सेवा भारती ट्रस्ट। स्वाध्याय कक्ष रेखा-तुषार गदिया। वाटर टैंक सुरेश-हिमांशु पाटनी के सहयोग से बन रहा है।
भवन में बनाए जा रहे 17 कमरों के लिए शांतिदेवी-दिलीप चौधरी, भगवतीदेवी-विजय झांझरी, बसंतीलाल सोनी, अनिल अजमेरा, जयकुमार पाटनी, प्रोफेसर पीसी जैन, महेंद्र सोगानी, प्रेमचंद सेठी, कमलादेवी-सुशील जैन, मंजूदेवी-दीपक पाटनी, शकुंतलादेवी-नंदलाल कोठारी, रसालीदेवी-मृदुल पाटनी, चंद्रकांता-रवि चौधरी, माणकचंद बड़जात्या, विमलकुमार शाह, राजेंद्र बाकलीवाल एवं ललित गदिया ने सहयोग किया है।
यह भवन न केवल स्थापत्य कला का नमूना होगा, बल्कि साधु-संतों की वैयावृत्ति और समाज के धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा। मुनि के निर्देशन में बना वास्तु इसे सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बनाएगा।
- प्रवीण चौधरी, अध्यक्ष, शास्त्रीनगर दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट
Published on:
26 Jan 2026 09:26 am
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