
41 candidates were appointed as foreman in the Mines Department, Bhilwara got three.
खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने फोरमेन ग्रेड-द्वितीय भर्ती-2024 के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित प्रतियोगी परीक्षा में सफल 41 अभ्यर्थियों को अस्थायी आधार पर नियुक्ति प्रदान की गई है। खनन गतिविधियों के बढ़ते दायरे को देखते हुए विभाग में खनिज कार्यदर्शकों की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। नए कार्मिकों की तैनाती से खनन क्षेत्रों में निगरानी, सर्वेक्षण व राजस्व कार्यों में गति आने की उम्मीद है।
खान एवं भू-विज्ञान विभाग के निदेशक एमपी मीणा के अनुसार सभी चयनित अभ्यर्थियों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर प्रोबेशनर-ट्रेनी के रूप में नियुक्त किया गया है। इस अवधि में उन्हें 23,700 रुपए प्रतिमाह नियत पारिश्रमिक मिलेगा। परिवीक्षा सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद पे-मैट्रिक्स लेवल-10 में नियमित वेतनमान का लाभ दिया जाएगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियुक्त अभ्यर्थियों को अपने-अपने नियुक्त जिलों में 28 फरवरी को आयोजित मुख्यमंत्री रोजगार मेले में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। इसके बाद 15 दिवस के भीतर संबंधित कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करना होगा। तय समय सीमा में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर नियुक्ति निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकेगी।
चयनित अभ्यर्थियों को जोधपुर, राजसमंद, नीमकाथाना, मकराना, बालेसर, जैतारण, भीलवाड़ा, उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ सहित विभिन्न खनन कार्यालयों में पदस्थापित किया गया है। सूची में सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस व एमबीसी वर्ग के अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें तीन कार्यदर्शक ग्रेड-द्वितीय भीलवाड़ा जिले को मिले है। इसमें बिजौलिया में रामरतन गुर्जर, भीलवाड़ा में ज्योति पटेल तथा भीलवाड़ा एसएमई कार्यालय को मालती थानवी को नियुक्त किया है। हालांकि भीलवाड़ा जिला प्रदेश में सर्वाधिक राजस्व देने वाला जिला है, फिर भी यहां खनिज कार्यदेशक कम मिले है।
नियुक्ति आदेश में उल्लेख है कि अभ्यर्थियों के शैक्षणिक व अन्य प्रमाण-पत्रों का सत्यापन अनिवार्य होगा। परिवीक्षा काल में वार्षिक वेतनवृद्धि देय नहीं होगी। दस्तावेजों में त्रुटि या मिथ्या जानकारी पाए जाने पर नियुक्ति निरस्त की जा सकेगी। दो से अधिक संतान संबंधी नियम एवं अन्य सेवा शर्तें राज्य सरकार के प्रचलित नियमों के अनुसार लागू होंगी। लंबे समय से रिक्त पदों पर नियुक्ति होने से विभागीय कार्यप्रणाली को मजबूती मिलेगी। हालांकि चयनित अभ्यर्थियों के लिए प्रोबेशन अवधि और कड़े सत्यापन प्रावधानों के चलते प्रारंभिक दो वर्ष चुनौतीपूर्ण रहेंगे।
Published on:
22 Feb 2026 08:22 am
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