भीलवाड़ा. विकास एवं आबादी में देश के शीर्ष 10 जिलों में शुमार भीलवाड़ा की जनसंख्या बीते एक दशक में करीब पांच लाख बढ़ी। एक दशक में भीलवाड़ा शहर का दायरा बढ़ा और नगर विकास न्यास की पेराफेरी में 35 गांव जुड़ गए। खास बात यह है कि पिछले 11 साल में जनसंख्या में मामूली वृद्धि हुई है। वृद्धि दर 19.60 से बढ़कर 21.39 प्रतिशत हो गई। मसलन 2001 से 2011 के बीच जिले की आबादी करीब 3.94 लाख बढ़ी, जो 19.60 प्रतिशत थी जबकि 2011 से 2022 के बीच आबादी पांच लाख बढ़ी, जो 21.39 प्रतिशत दर है। हर साल लगभग 50 हजार से अधिक लोग बढ़े।
जिला सांख्यिकी विभाग के अनुसार, अभी जिले की आबादी लगभग 30 लाख है। भीलवाड़ा शहर की आबादी करीब 5.30 लाख है। बढ़ती आबादी के साथ एक दशक में जिले में उपखंड मुख्यालय व तहसीलों की संख्या दुगनी यानी 16 हो गई है। बिजौलियां व करेड़ा नई पंचायत समिति बनी। भीलवाड़ा शहर एक दशक पूर्व पांच किमी में था, जो अब दस किमी तक फैल गया।
निजी कॉलोनियों में खासा इजाफा एक दशक में नगर परिषद, यूआईटी व राजस्थान आवासन मंडल से अधिक निजी कॉलोनाइजरों ने बहुमंजिला इमारतें एवं नई कॉलोनियां काटी। एक दशक पहले 29 कॉलोनियां थी, जो अब 100 से अधिक हो गई।
वस्त्रनगरी पर बढ़ा भार भीलवाड़ा शहर की जनसंख्या वर्ष 1931 में 15,350 थी जो वर्ष 2011 तक दो लाख 80 हजार 128 हो गई, लेकिन गत 12 वर्ष में विकास एवं नई औद्योगिक इकाइयां लगने व रोजगार के अवसर ज्यादा होने से वर्ष 2023 में करीब 5.30 लाख हो गई। सांख्यिकी विभाग के अनुसार भीलवाड़ा शहर ने एक दशक में सौ से अधिक नई कॉलोनियों बसी तो उद्योगों की रफ्तार भी तेज हुई।
2021 में जनगणना नहीं हुई वर्ष 2021 में देश में जनगणना प्रस्तावित थी, लेकिन कोरोना के कारण नहीं हो सकी। जिले की आबादी अक्टूबर 2022 तक 29 लाख 23 हजार 930 मानी जा रही है। पिछले 9 माह की बात करे तो यह आंकड़ा 30 लाख से पार हो चुका है।
एक दशक में मिली सौगात - मेडिकल कॉलेज
- एमजीएच में 210 बैड का नया चिकित्सालय - शहर को मिला चम्बल का पानी
- सीवरेज लाइनें से घर जुड़ने लगे - नगर परिषद के ऑटो टीपर वार्डों से उठा रहे कचरा
चाहिए: एक और ओवरब्रिज भीलवाड़ा शहर के लगातार विस्तार के साथ वाहनों की संख्या बढ़ रही है। शहर में हर दिन जाम लगता है। इसके लिए शहर के लोगों की मांग है कि एक और ओवरब्रिज हो।
ऐसे बढ़ी आबादी
वर्ष जनसंख्या अन्तर 1931 5,30,025 000000
1941 6,32,128 1,02,103 1951 7,28,522 0,96,394
1961 8,65,797 1,37,275 1971 10,54,890 1,89,093
1981 13,10,379 2,55,489 1991 15,93,128 2,82,749
2001 20,13,789 4,20,661 2011 24,08,523 3,94,734
2022 29,23,930 5,15,407 यह सारणी काम में ले सकते है।