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चुनाव: सी-विजिल पर मिली 65 में से 51 शिकायतें निकली फर्जी

100 मिनट में करनी होती है कार्रवाई, लोग भेज रहे सेल्फी

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चुनाव: सी-विजिल पर मिली 65 में से 51 शिकायतें निकली फर्जी

चुनाव: सी-विजिल पर मिली 65 में से 51 शिकायतें निकली फर्जी

भीलवाड़ा. विधानसभा चुनाव में आचार संहिता की पालना के लिए निर्वाचन विभाग के कंट्रोल रूम में मिल रही फर्जी शिकायतें कर्मचारियों का काम बढ़ा रही है। जिला कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम में सी-विजिल एप से मंगलवार दोपहर तक चुनाव संबंधी 65 शिकायतें मिली। इनमें 51 शिकायतें फर्जी निकली। अन्य 14 शिकायतों का हाथों-हाथ निस्तारण किया। कंट्रोल रूम को 15 लिखित शिकायतें भी मिली हैं। इसमें एक चुनाव आयोग से प्राप्त हुई है। इसमें बीएलओ की ड्यूटी हटवाने संबंधी मामला है। दूसरी शिकायत आचार संहिता लगने के बाद अवैध निर्माण से जुड़ी है।

चुनाव संबंधी शिकायतों के लिए निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल एप लॉन्च किया। इसमें शिकायतकर्ता आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित फोटो व वीडियो भेज सकता है। सरकारी योजनाओं के पोस्टर व बिना अनुमति केसभाओं एवं चुनाव संबंधी आपत्तिजनक फोटो व वीडियो भेजी जा सकती है। इसके उलट अधिकांश लोग इस एप पर खुद की फोटो खींचकर भेज रहे हैं। हर शिकायत को उड़न दस्तों के पास भेजा जा रहा है। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची व पुष्टि के बाद शिकायतकर्ता को फर्जी सूचना का मैसेज भी भेजा जा रहा है।
100 मिनट में निस्तारण का प्रावधान

सी-विजिल से शिकायतों का 100 मिनट में निस्तारण करना होता है। इसमें शिकायतकर्ता चाहे तो नाम गोपनीय रख सकता है। ऐसे में शिकायतकर्ता की लोकेशन के आधार पर विभाग की टीम संबंधित जगह पहुंच कर कार्रवाई करती है। कंट्रोल रूम पर एप से मिली प्रमाणिक शिकायतों में से अधिकांश सरकारी योजनाओं के लोकार्पण, पोस्टर व बैनर संबंधी हैं। उनका निस्तारण कर दिया।
होगी कड़ी कार्रवाई

अब तक आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर पर्याप्त सबूतों के अभाव में कड़ी कार्रवाई से बच जाते थे। शिकायत के सत्यापन में तस्वीर या वीडियो के रूप में दस्तावेजी साक्ष्य की कमी भी बाधा थी। सी-विजिल एप इन सभी खाइयों को पाटने का काम कर रहा है।
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इनका कहना है
सी-विजिल एप से मिली रही शिकायतों को हाथों-हाथ निस्तारण कर रहे हैं। अधिकांश लोग खुद की सेल्फी खींच कर भेज रहे हैं। इससे कंट्रोल रूम के कर्मचारियों का काम बढ़ रहा है। जिम्मेदार नागरिक की तरहएप का उपयोग किया जाना चाहिए। अभिषेक खन्ना, नोडल अधिकारी, कंट्रोल रूम