
ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से 50 फीसदी उद्योग बंद, बाकी उद्योगों में भी 3 से 4 दिन का ही ऑक्सीजन
भीलवाड़ा।
सरकारी व निजी चिकित्सालय में कोरोना के करीब 290 मरीज भर्ती है। इससे कई गुना होम क्वारंटीन में हैं। लेकिन अस्पतालों में भर्ती मरीजों में से 237 ऐसे हैं जिनको लगातार ऑक्सीजन की जरुरत पड़ रही है। इसके चलते प्रतिदिन 530 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत हो रही हैं। अस्पतालों में अभी ऑक्सीजन की कमी नहीं है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुस्ताक खान ने बताया कि एमजीएच में 115, निजी में 105 व आयुष में 17 संक्रमित भर्ती है। एमजीएच में रोज 350, निजी में १५० और आयुष में 30 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत है। डॉ. खान ने बताया कि अभी 500 छोटे व 500 बड़े सिलेंडर हैं। 700 सिलेंडर प्रतिदिन भरने की क्षमता का प्लांट अधिग्रहित कर चुके। इसके अलावा चित्तौडग़ढ़ के गंगरार में प्रतिदिन 1000 सिलेंडर की क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट को अधिगृहण की तैयारी है। भविष्य में जरूरत पड़ी तो राजसमंद में बंद ऑक्सीजन प्लांट को पुन: शुरू कराया गया है वहा से भी ऑक्सीजन के सिलेण्डर मंगवाए जा सकते है।
27 नवम्बर तक पूरा होगा प्लांट
एमजीएच अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट का कार्य शुरू हो गया। यह 27 नवंबर तक पूरा होगा। इसका कार्य गोवा के वास्कोडीगामा स्थित अगस्त्या एयर वक्र्स प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को दिया है। करीब 61.15 लाख की लागत से बनने वाले इस प्लांट में 475 लीटर प्रतिदिन आक्सीजन जनरेट होगी।
80 से 200 तक ऑक्सीजन बैड
गौड़ ने बताया कि एमजीएच में आक्सीजन बैड की शुरूआत 80 बैड की थी। लेकिन आज 12 वार्ड में कोरोना के मरीज भर्ती है। इन वार्डो के 225 बैंड में से 200 बैड को आक्सीजन युक्त कर दिया गया है। इनमें से ८७ बैड तो हाइफ्लो ऑक्सीजन वाले है। वही दो और नए मेनीफोल्ड तैयार किए जा रहे है। ताकि किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की कमी नहीं आने दी जाएगी। वेन्टीलेटर की कोई कमी नहीं है। पुराने 9 तथा नए 42 और है। जबकि काम एक आ रहा है।
Published on:
6 Oct 2020, 5:03 AM IST
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