
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के एटीएम में कैश भरने निकले कम्पनी के दो प्रतिनिधियों की कार से 57 लाख रुपए से भरा बैग गायब करने के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपित
भीलवाड़ा।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के एटीएम में कैश भरने निकले कम्पनी के दो प्रतिनिधियों की कार से 57 लाख रुपए से भरा बैग गायब करने वालों के मामले में पुलिस को सफलता हाथ लगी। पुलिस ने बीस दिन बाद शुक्रवार को वारदात से पर्दा उठाते हुए गिरोह का राजफाश कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया, जबकि वारदात में शामिल चार जने फरार चल रहे है। सभी आरोपित उत्तरप्रदेश के रहने वाले और इनमें कई शातिर बदमाश भी है।
पुलिस अधीक्षक प्रदीपमोहन शर्मा के अनुसार गत माह 21 अगस्त को शाम की सब्जी मण्डी स्थित पीएनबी की चेस्ट बैंक से 57 लाख रुपए लेकर निकले एटीएम कैश मैनेजमेंट कंपनी के दो प्रतिनिधि दुर्गेश शर्मा और अभिषेक दाधीच की कार कुछ दूरी पर पंचर हो गई थी। वे जब स्टेपनी लगा रहे थे, तभी बाइक पर आए तीन जने कार में रखा रुपयों से भरा बैग लेकर चम्पत हो गए। इन्हें कुछ देर बाद वारदात का पता चला, तब तक आरोपित भाग गए थे। दोनों पीडि़तों ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद मायागांव (उत्तरप्रदेश) निवासी रईस पासा को मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया। मामले में शामिल उत्तरप्रदेश निवासी आदिम उर्फ मुर्गा, इरफान, बबलू फरार चल रहे है। जबकि एक अन्य व्यक्ति की जांच की जा रही है कि उसका इसमें कितना रोल रहा।
15 अगस्त को आए, लिया किराए पर कमरा
प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि यहां गुलमण्डी में उत्तरप्रदेश का एक युवक रह रहा था। यहां दुकान पर टेलरिंग का काम करता था। इरफान उसका मित्र था। दोनों उत्तरप्रदेश के रहने वाले थे। इरफान ने रईस और आदिल को भी बुला लिया। उसके बाद 15 अगस्त से ही तीनों पीएनबी के बाहर खड़े होते और आने-जाने वाले पर नजर रखते। इस बीच 18 अगस्त को शहर में ही बैंक के बाहर दुपहिया वाहन की डिक्की तोड़कर साढ़े आठ हजार रुपए निकाल लिए। हालांकि पीडि़त ने थाने पर मामला दर्ज नहीं कराया।
इस बीच गत 21 अगस्त को सर्किट हाउस के सामने बैंक के बाहर खड़े हो गए। दुर्गेश और उसके साथी जब बैंक के अंदर गए तो इरफान ने कार पंचर कर दी। दोनों प्रतिनिधि 57 लाख रुपए लेकर निकले तो ओरोपित कार के पीछे हो गए। लेकिन कार पंचर होने से कुछ दूरी पर रूक गई। बाइक चला रहा रईस कार के निकट आकर रूका। इस दौरान इरफान ने धीरे से गेट खोलकर बैग निकाल लिया। वारदात के दौरान काम में ली गई बाइक आनंद चौधरी के फर्जी पहचान पत्र से ली गई थी। बाइक खड़ी कर बैग से 2 लाख रुपए निकाल लिए और बाकी रकम से भरा बैग कमरे की टाण्ड पर फेंककर चले गए। बाद में इरफान ने अपने भाई बबलू को यूपी से कार लेकर बुलाया। कार से भीलवाड़ा पहुंचे और बैग से राशि लेकर यूपी रवाना हो गए। राशि को बांट लिया।
Published on:
08 Sept 2017 09:16 pm
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